शर्मनाक! सरकारी सहायता नहीं पहुंचने से भारतीय पैरा एथलीट को बर्लिन में मांगनी पड़ी भीख, फिर भी जीता सिल्वर मैडल

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शर्मनाक! सरकारी सहायता नहीं पहुंचने से भारतीय पैरा एथलीट को बर्लिन में मांगनी पड़ी भीख, फिर भी जीता सिल्वर मैडल

कंचनमाला पांडे को बर्लिन में भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा आैर ये सब हुआ उनके पास सरकारी सहायता नहीं पहुंचने के कारण।

देश में खिलाड़ियों से हर प्रतियोगिता में जीत आैर पदक की उम्मीद की जाती है। हालांकि भारत में कर्इ बार खिलाड़ी सुविधाआें के नाम पर अक्सर खुद को ठगा हुआ सा महसूस करते हैं। एेसा ही मामला सामने आया है भारतीय पैरा एथलीट कंचनमाला पांडे के साथ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कंचनमाला पांडे को बर्लिन में भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा आैर ये सब हुआ उनके पास सरकारी सहायता नहीं पहुंचने के कारण।




कंचनमाला पांडे आंखों से नहीं देख सकती हैं। उन्हें बर्लिन वर्ल्ड पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा गया था। हालांकि उनका ये सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। सरकार आैर अथाॅरिटी की गलतियों का खामियाजा भीख मांगकर चुकाना पड़ा।




मामले के अनुसार कंचनमाला आैर पांच अन्य पैरा एथलीट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भारत से भेजे गए थे। इस दौरान उनके पास सरकार की आेर से भेजी गर्इ सहायता राशि नहीं पहुंची। एक अनजान शहर में बिना पैसों के उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय शूटर अभिनव बिंद्रा ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए आलोचना की है। बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आैर खेल मंत्री विजय गोयल से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उधर, इस गलती को लेकर पैरालिंपिक कमेटी आॅफ इंडिया (पीसीआई) ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी अॉफ इंडिया को जिम्मेदार ठहराया है।




कंचनमाला का कहना है कि मैंने चैंपियनशिप के लिए पांच लाख का लोन लिया था। मुझे पता नहीं है कि मैंने जो भुगतान किया वह राशि मुझे मिलेगी या नहीं। नागपुर रिजर्व बैंक में असिस्टेंड के पद पर कार्यकरत कंचनमाला ने एक अखबार को बताया कि मुझे होटल के 70 हजार आैर खाने के 40 हजार रुपए चुकाने पड़े।




हम आपको बता दें कि कंचनमाला एस 11 कैटेगरी की तैराक है। वे इकलौती महिला हैं जिन्होंने देश के लिए वर्ल्ड पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए क्वालिफार्इ किया है। हालांकि एेसी विषम परिस्थितियों के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी आैर देश के लिए सिल्वर मैडल जीतकर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफार्इ किया। उनके साथ सुयश जाधव ने भी सिल्वर मैडल जीता। चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए वे अपने साथी खिलाड़ियों के साथ 3 से 9 जुलार्इ तक बर्लिन में थीं।

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