तो हो ही गया नए विवाद का आगाज़

Abhishek Pareek

Publish: Jul, 16 2017 08:49:00 (IST)

Sports
तो हो ही गया नए विवाद का आगाज़

सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ऐसे नाम हैं, जिनके बारे में दुनिया के क्रिकेट प्रेमी, प्रशासक और प्रशंसक जानते हैं कि ये कभी झूठ नहीं बोलेंगे, न कभी क्रिकेट के अहित की बात सोचेंगे।

सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ऐसे नाम हैं, जिनके बारे में दुनिया के क्रिकेट प्रेमी, प्रशासक और प्रशंसक जानते हैं कि ये कभी झूठ नहीं बोलेंगे, न कभी क्रिकेट के अहित की बात सोचेंगे। तो, यह बात कहां से और क्यों कर उठी कि इन तीनों महान क्रिकेटरों की सीएसी ने सीमा से बाहर जाकर टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच जहीर खान और विदेशी दौरों के लिए बल्लेबाजी कोच राहुल द्रविड़ का चयन किया।



दरअसल, हमने 14 जुलाई को 'ये नए विवाद का आगाज़ तो नहीं!' शीर्षक से दी गई टिप्पणी में जो आशंका जताई थी, वह हकीकत में सामने आ गई। यानी जहीर खान को गेंदबाजी कोच बनाने पर रवि शास्त्री के, जिन्हें इसी सीएसी ने मुख्य कोच बनाया, आपत्ति जताने और भरत अरुण का नाम सुझाने के बाद वाकई इस विवाद ने रंग पकड़ लिया। बीसीसीआई प्रशासक समिति (सीओए) ने कह दिया कि सीएसी का काम तो सिर्फ मुख्य कोच का चुनाव करना था, गेंदबाजी और बल्लेबाजी कोच चुनने का नहीं। जाहिर है, इससे क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन के साथ ही महान कप्तान सौरव गांगुली के साथ ही वीवीएस लक्ष्मण की ओर सीधी ओर सीधी अंगुली उठी। जो इनके झूठ न बोलने वाली बात की है, वह इसलिए कि इन तीनों ने बड़े दुखी मन से सीओए को पत्र लिख स्पष्ट किया कि 'हमने शास्त्री से बात की थी और उन्होंने जहीर और द्रविड़ को रखने के बारे में अपनी मंजूरी भी दी थी। और तो और शास्त्री ने यहां तक कहा था कि इससे आने वाले दिनों में टीम और भारतीय क्रिकेट को फायदा होगा। शास्त्री की मंजूरी मिलने के बाद ही हमने जहीर और द्रविड़ के नाम की सिफारिश की।'



इससे पहले उन्होंने लिखा, 'ऐसे संकेत मिले हैं कि सीएसी ने सीमा से बाहर जाकर जहीर और द्रविड़ को रखने की सिफारिश की और इन दोनों महान खिलाडिय़ों के नाम मुख्य कोच पर थोपे गए। साथ ही हमने बैठक खत्म होने के तुरंत बाद आपको (सीओए अध्यक्ष विनोद राय), राहुल जौहरी और अमिताभ चौधरी (दोनों सीओए सदस्य) को फोन पर बता दिया था कि बैठक में क्या हुआ था।'



इन महान क्रिकेटरों के दिल पर सीओए के अध्यक्ष के मीडिया में दिए बयान पर क्या गुज़री यह इनके पत्र की ये पक्तियां साफ कर देती हैं, 'लेकिन इससे हमें दुख और निराशा हो रही है कि सीएसी को मीडिया में इस तरह से पेश किया जा रहा है।' साथ ही उन्होंने लिखा, 'हम चाहते हैं कि आप मुख्य कोच के चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को सार्वजनिक करें ताकि 'झूठी बातें' खत्म हों।' और गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, 'हमने आपको जो बताया है कि जहीर और द्रविड़ को शास्त्री पर थोपा नहीं गया है तो क्रिकेट के प्रशंसकों को भी इस सच्चाई से अवगत कराया जाए। हम खुद भी ऐसा कर सकते थे, लेकिन हम माहौल खराब नहीं करना चाहते। इसलिए हम आपसे बातें साफ करने के लिए आग्रह कर रहे हैं।'



सीएसी के इस पत्र में जहां सचिन की गंभीरता और लक्ष्मण की साफगोई झलक रही है, तो सौरव की तल्खी भी। वजह, जिस सीओए ने आखिर इन महान क्रिकेटरों को मुख्य कोच चुनने का दायित्व दिया था, उसे मीडिया में जाने से पहले इनसे बात तो करनी ही थी, फिर भरत अरुण इतने क्या महत्वपूर्ण हो गए कि शास्त्री ने जहीर के नाम पर एकबारगी मंजूरी देने के बाद भी मामले को तूल दिया।



ये नए विवाद का आगाज़ तो नहीं!

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