Father's day special : ये वो पिता है जिनके लिए बेटे-बेटी में कोई फर्क नहीं है, इनकी चारों बेटियां आज एक मिसाल है

Udaipur, Rajasthan, India
Father's day special : ये वो पिता है जिनके लिए बेटे-बेटी में कोई फर्क नहीं है, इनकी चारों बेटियां आज एक मिसाल है

पापा, यह वह शब्द है जो हम सबके दिल के बहुत करीब है, चाहे वह पापा की सीखों के कारण हो, चाहे लाड़-प्यार या सही-गलत की पहचान के कारण हो या फिर हमें नाजों से पालने के कारण।

पापा, यह वह शब्द है जो हम सबके दिल के बहुत करीब है, चाहे वह पापा की सीखों के कारण हो, चाहे लाड़-प्यार या सही-गलत की पहचान के कारण हो या फिर हमें नाजों से पालने के कारण। हम चार बहनों के लिए हमारे पापा मोहन केसवानी वह आदर्श हैं जिनके कारण हम आज अपनी-अपनी जिंदगी व कार्यक्षेत्र में सफल, सम्पन्न और खुश है। 



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यह कहना है सोनिया केसवानी। उसने बताया कि  हमारी माता गौरी केसवानी और हमारे पिताजी ने अभी हम चारों बहनों को यह एहसास नहीं होने दिया कि हम लड़कियां हैं। चाहे पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक कार्य हो, उन्होंने हमें सदा हरसंभव प्रयास कर आगे बढऩे और दिल से अपने कार्य को अंजाम देने का संबल दिया। उन्होंने हम सभी को पोस्ट ग्रेजुएट बनाया। उन्होंने सदैव हमारे दोस्त, मार्गदर्शक व गुरु बनकर हमारी संस्कारों और मानवता की जड़ों को इस तरह सींचा है कि मरते दम तक हम वह ऋण कभी नहीं चुका सकते। 


सोनिया ने बताया कि मां के देहांत के बाद पिता ने हमें कभी उनकी कमी का अहसास नहीं होने दिया। मन में तो वह भी अपनी जीवनसंगिनी से बिछड़ कर बहुत दु:खी हुए होंगे किंतु उन्होंने कभी खुद को निराश या कमजोर नहीं होने दिया। पापा ही वह जरिया है जो हमें कठिन से कठिन परिस्थिति को भी खुशी से जीने का साहस देते हैं।  तीनों बहनें अंजू, इंदु, पिंकी की शादी के बाद अब मैं अपने पापा के साथ रह रही हूं। जो कुछ हमारे पापा ने हमें सिखाया, समझाया, बनाया उसकी इस जन्म में तो क्या, सौ जन्म में भी पूर्ति नहीं कर सकते।

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