सच्चाई की जीत @ 32 साल बाद भी इंसाफ रहा कायम, हाईकोर्ट ने की अपील खारिज

jyoti Jain

Publish: Mar, 18 2017 11:22:00 (IST)

udaipur
सच्चाई की जीत @ 32 साल बाद भी इंसाफ रहा कायम, हाईकोर्ट ने की अपील खारिज

हत्या के मामले में निचली अदालत के आजीवन कारावास के खिलाफ 32 साल पूर्व की गई अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फैसले को यथावत रखने के आदेश दिए।

हत्या के मामले में निचली अदालत के आजीवन कारावास के खिलाफ 32 साल पूर्व की गई अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फैसले को यथावत रखने के आदेश दिए। इस फैसले के बाद सेशन न्यायालय ने 6 आरोपितों को गिरफ्तारी वारंट के जरिए तलब किया और उन्हें केंद्रीय कारागृह भेजने के आदेश दिए। मामले में कुल लिप्त रहे 9 में से 3 आरोपितों की अकाल मृत्यु हो चुकी है।


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प्रकरण के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय ने आपसी रंजिश के चलते युवक की हत्या के मामले में झाड़ोली निवासी गणेशदान चारण, बाघ सिंह राजपूत, खुमाण सिंह, नारायण सिंह चारण, गोपाल सिंह राजपूत, भज्जा कुम्हार, मालम सिंह राजपूत, रूप सिंह राजपूत, हकमा कुम्हार को 18 नवम्बर 1985 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ आरोपितों ने उच्च न्यायालय में अपील की। 


अपील पर सुनवाई के दौरान खुमाण सिंह, मालम सिंह व हकमा कुम्हार की मृत्यु हो गई। हाईकोर्ट की डबल बैंच के न्यायाधिपति गोवर्धन भंडारी व नवीन सिन्हा ने अपील नामंजूर करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय के निर्णय को यथावत रखने के आदेश दिए।

 

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यह था मामला

17 मार्च 1984 को गोगुंदा थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 16 मार्च की 

रात को भोजन के बाद प्रार्थी की भुआ का लड़का तरपाल निवासी दौलत सिंह घर से रवाना हुआ था। तभी आरोपितों ने मौका पाकर सामूहिक तौर पर उस पर लाठी एवं कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। दौलत सिंह ने बचने के प्रयास किए तो आरोपितों उसे पीट-पीटकर मार डाला। बताया गया कि रूपसिंह अवैध शराब का धंधा करता था और दौलत सिंह ने उसके अवैध शराब निकालने के बर्तन फोड़ दिए थे। इसके चलते उनके बीच में दुश्मनी चली आ रही थी।

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