सावधान: इस लाल रंग पुते हैंडपम्प का पानी पिया तो आपकी खैर नहीं, इस गांव की अनोखी कहानी, क्या है इसकी वजह? पढ़ें पूरी खबर

jyoti Jain

Publish: Mar, 17 2017 11:49:00 (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
सावधान: इस लाल रंग पुते हैंडपम्प का पानी पिया तो आपकी खैर नहीं, इस गांव की अनोखी कहानी, क्या है इसकी वजह? पढ़ें पूरी खबर

शहर से सटी लकड़वास ग्राम पंचायत की जमीन 'जहरीला पानी' उगल रही है। केमिकल की अधिकता के कारण सभी हैण्डपंप नाकारा घोषित हो चुके हैं।

शहर से सटी लकड़वास ग्राम पंचायत की जमीन 'जहरीला पानी' उगल रही है। केमिकल की अधिकता के कारण सभी हैण्डपंप नाकारा घोषित हो चुके हैं। 

इन विकट परिस्थितियों के बावजूद इस पंचायत की 25 हजार की आबादी पेयजल के लिए पूरी तरह भूजल पर निर्भर है, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली है। प्रशासन ने हैण्डपंप पर लाल रंग पोतकर लोगों को इसका पानी उपयोग में नहीं लेने की हिदायत देकर अपने दायित्व की इतिश्री कर ली है।  ऊंचाई पर स्थित सेजों की भागल स्थित एकमात्र ट्यूबवेल से क्षेत्र के गांवों, फलों एवं मगरों में पेयजल लाइन  से जलापूर्ति हो  रही है।


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  प्रदूषण के दंश  यह एकमात्र स्रोत भी मुक्त नहीं है। उदय सागर  के किनारे स्थित इस  पंचायत के लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है। मामले में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग बेफिक्र होकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।   



उदय सागर भी जहरीला 

लकड़वास के उम्रदराज लोगों की मानें तो कभी मीठे पानी की झील रहे उदय सागर का पानी भी अब उपयोगी नहीं रहा। पहले यह पानी लोगों की रोजमर्रा जरूरत के काम आता था, लेकिन शहर भर के दूषित जल एवं समीपवर्ती मादड़ी व उमरड़ा में संचालित औद्योगिक क्षेत्रों के कारण उदयसागर का पानी भी जहरीला हो गया है। इसका उपयोग करने पर लोगों को  चर्म रोग हो रहे हैं। गौरतलब है कि लकड़वास, मोटा देवरा, खेंगरियों की भागल, उदय निवास,  तुम्डि़या गड़ा, धामदर, बाबा कॉलोनी, डागलमन, पाटिया कला सहित करीब 5 गांव एवं फलों की हजारों की आबादी एकमात्र ट्यूबवेल पर निर्भर है। क्षेत्र में करीब 25 के लगभग हैण्डपंप खराब हो चुके हैं, जो करीब चार साल पहले लगवाए गए थे। 


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विभाग की उलझन 

इधर, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की मानें तो लाल पेंट पोतने के साथ क्रॉस लगाकर लोगों को हैण्डपंप का पानी नहीं पीने के लिए चेताया गया है। विभाग का कहना है कि नियमानुसार पानी में फ्लोराइड, क्लोराइड, टोटल डिजॉल सेलाइन (टीडीएस), नाइट्रेट, पीएच लेवल एवं एल फ्लिनिटी की जांच होती है। अधिक खारे एवं केमिकल युक्त पानी  होने पर हैण्डपंप पर रेड क्रॉस लगाया जाता है। जल स्तर काफी नीचे जाने पर पानी में  खारेपन  की शिकायत आती है।  



एक मात्र पर संकट

क्षेत्र के एकमात्र उपयोगी ट्यूबवेल के पानी का भी टीडीएस बढऩे की आशंका गहरा रही है। इस मामले को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जो बेनतीजा रहा। विषैले पानी से ग्रामीण परेशान हैं। 

जगूराम मीणा, सरपंच, लकड़वास ग्राम पंचायत



गुणवत्ता है खराब

क्षेत्र के हैण्डपंप खराब होने के कई कारण होते हैं। खराब गुणवत्ता वाले हैण्डपंप पर क्रॉस लगाकर लोगों को जागरूक करते हैं। केवल औद्योगिक क्षेत्र से जमीनीं जल प्रभावित है। एेसा कहना मुश्किल भरा है। 

गोपेश गर्ग, अधिशासी अभियंता, जिला ग्रामीण खण्ड, पीएचईडी 

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