#BeHappy #Udaipurites: सुरक्षित है आपका उदयपुर, रैनसमवेयर के साइबर अटैक का कोई खतरा नहीं, सभी एटीएम व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सुरक्षित

madhulika singh

Publish: May, 19 2017 01:54:00 (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
#BeHappy #Udaipurites: सुरक्षित है आपका उदयपुर, रैनसमवेयर के साइबर अटैक का कोई खतरा नहीं, सभी एटीएम व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सुरक्षित

दुनियाभर में रैनसमवेयर के अटैक से शहरवासी भी सकते में हैं। साथ ही सोशल साइट्स पर एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं करने की हिदायतों वाले संदेश से उपभोक्ता असमंजस हैं कि नेट बैकिंग और एटीएम उपयोग करें या नहीं।

दुनियाभर में रैनसमवेयर के अटैक से शहरवासी भी सकते में हैं। साथ ही सोशल साइट्स पर एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं करने की हिदायतों वाले संदेश से उपभोक्ता असमंजस हैं कि नेट बैकिंग और एटीएम उपयोग करें या नहीं। शहरवासियों में असमंजस को लेकर राजस्थान पत्रिका ने लीड बैंक ऑफिसर मुकुंद भट्ट से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि अभी तक रैनसमवेयर से एटीएम बंद होने, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन प्रभावित होने की घटना सामने नहीं आई है। 


साथ ही यहां पर एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर रैनसमवेयर का कोई खतरा नहीं है। हमारे यहां का एंटी वायरस मजबूत है जिससे रैनसमवेयर वायरस एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को प्रभावित नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कही एटीएम बंद मिले तो उसके पीछे मशीन का खराब होना, पेपर फंसना आदि कारण हो सकते हैं। रैनसमवेयर के चलते एटीएम बंद नहीं किए गए हैं। एटीएम उपयोग और ट्रांजेक्शन को लेकर कोई खतरा नहीं है। 



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एेसे करते गुमराह

साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने बताया कि हैकर्स से ईमेल पर लुभावना प्रस्ताव मिल सकता है। इनमें पूर्व में की गई बात का जिक्र, कोई लिंक और अटैचमेंट भेजा जाता है। जब कोई यूजर इस ईमेल को ओपन कर लिंक या अटैचमेंट को लोड करता है तो कम्प्यूटर में मालवेयर लोड होकर सभी फाइल्स इनकरेप्ड कर देता है। 


फाइल्स को वापस आेपन करने की एवज में हैकर्स की ओर से पैसे मांगे जाते हैं। चौधरी ने बताया कि इससे विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम ज्यादा प्रभावित हुआ है। एटीएम हैक को लेकर अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एटीएम में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज होने से संभावनाएं जताई गई है। व्यक्तिगत की बजाय संगठनों को निशाना बनाया जा रहा है। 




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एेसे बचे रैनसमवेयर से  


साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी के अनुसार...

- अजनबी पते से आए ई-मेल को नहीं खोलें। 

 -लिंक व अटैचमेंट को लोड नहीं करें। 

- पोरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं करें।

- फाइल्स की कॉपी रखें व बैकअप लें। 

- कम्प्यूटर में 139, 445, 3389 पोर्ट को विंडो फायरवेल से बंद कर दें।

- माइक्रोसॉफ्ट विंडो में सर्वर मैसेज ब्लॉक इनेबल को डिसेबल करें। 

- वर्चुअल बॉक्स को डाउनलोड कर उसमें ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल करें। संदेहास्पद ईमेल आने पर बॉक्स के ऑपरेटिंग सिस्टम से ही मेल ऑपन करें ताकि कम्प्यूटर की अन्य फाइल्स इनकरेप्ड नहीं हों।

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