जनजाति छात्रावास में खाद्य आपूर्ति का सच: जांच में मिले कीड़े-मकोड़े और मिलावटी रंग

madhulika singh

Publish: Jul, 18 2017 11:10:00 (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
जनजाति छात्रावास में खाद्य आपूर्ति का सच: जांच में मिले कीड़े-मकोड़े और मिलावटी रंग

जनजाति छात्रावास के विद्यार्थियों को मिल रहा भोजन असुरक्षित व अमानक, चेतावनी पर ठेकेदार ने भेजा नया माल

जनजाति छात्रावास में रहकर अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिल रहा भोजन पूर्णतया असुरक्षित और अमानक पाया गया। संतुलित व पौष्टिक आहार के नाम पर ठेकेदार की ओर से पहली सप्लाई में भेजा गया खाद्यान्न गड़बड़ निकला। जांच में इनमें मिलावटी रंग, कीडे़- मकोड़े पाए गए। संभाग के जनजाति छात्रावासों के वार्डनों एवं खुद सप्लाईकर्ता ठेकेदार की ओर से लिए गए नमूनों की जांच में यह खुलासा हुआ है। विभाग ने ठेकेदार को चेतावनी देते हुए समस्त माल वापस करवाया। 



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ठेकेदार ने गलती स्वीकारते हुए  छात्रावासों को नया माल सप्लाई करना शुरू कर दिया है। जनजाति छात्रावासों में उपभोक्ता भंडार से माल सप्लाई होता रहा है लेकिन अब यह काम निजी ठेकेदार के हाथ में आ गया। ठेकेदार ने पहली सप्लाई में ही खाद्यान्न सामग्री गड़बड़ भेज दी। वार्डनों ने विभागीय बैठक में नमूने सहित शिकायत की। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के खाद्य एवं सुरक्षा प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करवाई तो करीब नौ खाद्य नमूनों में गड़बड़ी मिली।  

इनमें मिली यह गड़बड़ी 

पोहा, दलिया, चने- असुरक्षित (खाने योग्य नहीं)

छोला, मटर - कीड़े मिले

शक्कर, गेहूं- मानक के अनुरूप नहीं

धनिया व हल्दी - रंग मिला

उड़द व चना  दाल - कीड़े  


करीब एक माह पहले वार्डन बैठक में नमूने लेकर आए थे। इसके बाद ठेकेदार खुद भी नमूने लाया था। गड़बडि़यां निकलने पर ठेकेदार को नोटिस दिया है तो उसने गलती स्वीकार कर ली। उसे सात दिन में माल बदलने के निर्देश दिए गए। इस बीच, वार्डन को निकटवर्ती उपभोक्ता भंडारों से माल खरीदने के लिए कहा है। यह राशि ठेकेदार के हिसाब में काटी जाएगी।

के.पी.सिंह चौहान, परियोजना अधिकारी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग   

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