लेकसिटी मार्बल बढ़ा रहा रसोई की चमक, चाइना स्टोन को दे रहा मात

Udaipur, Rajasthan, India
लेकसिटी मार्बल बढ़ा रहा रसोई की चमक,  चाइना स्टोन को  दे रहा मात

घर की रसोई को नया लुक देने के लिए मकराना के संगमरमर की तलाश में शहर की मार्बल मंडी में पहुंचने वाले शहरवासियों को लेकसिटी का कम्पोजिट मार्बल खूब लुभा रहा है।

घर की रसोई को नया लुक देने के लिए मकराना के संगमरमर की तलाश में शहर की मार्बल मंडी में पहुंचने वाले शहरवासियों को लेकसिटी का कम्पोजिट मार्बल खूब लुभा रहा है। मंडी में ग्रेनाइट व मार्बल की स्लैब के बीच चमचमाते सफेद रंग की स्लैब को गौर से देखने पर पता चलता है कि यह संगमरमर नहीं बल्कि उदयपुर में बनने वाला कम्पोजिट मार्बल व चाइना स्टोन है। इस मार्बल की प्लेट फार्म देखने के बाद अब यह लोगों की पहली पसंद बन रहा है।


मार्बल पाउडर, क्रेजी, रेजीन केमिकल, स्पेशल कलर व मार्बल के छोटे-छोटे दानों से मिक्स होकर बनने वाले कम्पोजिट मार्बल की मांग अब धीरे धीरे बढ़ रही है। ऐसे मार्बल की शुरुआत पहले यूरोपीय देशों में हुई और यह चाइना में बनने लगा। इस मार्बल की पहचान चाइना स्टोन के नाम से हुई। उदयपुर में जब यह स्टोन आया तो एकबारगी यह मकराना का संगमरमर सरीखा लगा। बाद में पता चला कि यह भारत में यह करीब 38 स्थानों पर कम्पोजिट मार्बल के नाम से बनने लगा है। उदयपुर की कविता, वाना व कैलाश पुरी स्थित तीन फैक्ट्रियों में अब यह मार्बल बन रहा है। अब दिन-ब-दिन इसकी डिमांड बढऩे लगी है। कुछ व्यापारी यहां बना कम्पोजिट मार्बल खरीद रहे हैं तो कुछ चाइना से इम्पोर्ट कर रहे हैं।



READ MORE:  पटरी पर लौटी मदर मिल्क की 'गाड़ी', MB चिकित्सालय उदयपुर में बदली व्यवस्थाएं, पढ़ें पूरी खबर



आठ साल से मिली पहचान

कम्पोजिट मार्बल की शुरुआत करीब 22 साल पहले हुई। इसकी मांग व लोगों का रुझान नहीं होने से यह फेल हो गया। अब करीब आठ साल इसकी पहचान बनी है और मांग लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में यह किचन, बाथरूम एवं सीढिय़ों की शोभा बढ़ाता नजर आ रहा है।

नहीं मिलती शिकायत

इस मार्बल को बनाने में स्पेशल कलर का इस्तेमाल हो रहा है। कई आकर्षक रंगों में बड़े स्लेप व टाइल्स बन रहे हैं। अन्य मार्बल में समय के साथ गुणवता में कमी आ जाती हैं, लेकिन कम्पोजिट मार्बल में अब तक इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है।



READ MORE:  वीडियो: उदयपुर ही नहीं गुजरात तक में प्रसिद्ध है यहां के मिर्चीबड़े, अंबानी परिवार भी चाव से लेते है इसका स्वाद



इनका कहना है

उद्यमियों को यहां इंडस्ट्री लगाने की इच्छा तो है, लेकिन सरकार से प्रोत्साहन नहीं मिल रहा। ऐसे में कम्पोजिट मार्बल की फैक्ट्रियां यहां कम ही लगी हैं। यदि प्रोत्साहन मिले तो यह मार्बल चाइना स्टोन को मात दे सकता है और मेक इन इंडिया की नजीर बन सकता है।

- रूपलाल जैन, मार्बल उद्यमी


मार्बल व्यापार में कम्पोजिट मार्बल प्रचलन में आने के साथ ही अब इसकी मांग बढऩे लगी हैं। खासकर होटलों संचालक और बड़ा वर्ग इसे खासा पसंद कर रहा है।

- मोहन बोहरा, स्टोन एडवाइजर

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned