WORLD POPULATION DAY: जनसंख्या के महकमे में 'जन' ही नहीं, ये हैं उदयपुर के जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र के हाल

madhulika singh

Publish: Jul, 11 2017 01:44:00 (IST)

Udaipur, Rajasthan, India
WORLD POPULATION DAY: जनसंख्या के महकमे में 'जन' ही नहीं,  ये हैं उदयपुर के जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र के हाल

जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र में ही नहीं अनुसंधानकर्ता, बाबू व चपरासी के भरोसे चल रहा है केन्द्र

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से स्थापित जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र (पीआरसी) पर अनुसंधानकर्ता ही नहीं हैं। सुखाडि़या विवि के संघटक विधि महाविद्यालय के करीब प्रदेश का एकमात्र जनसंख्या अनुसंधान केन्द्र है, जहां पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रदेश में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया जाता है।  उदयपुर स्थित यह केन्द्र टाइप टू यानी नॉट फूली डवलप की श्रेणी में आता है। टाइप टू के तहत आठ पदों पर 11 कर्मचारी का प्रावधान होता है। इनमें दो अनुसंधानकर्ता, दो शोध अन्वेषक, दो क्षेत्रीय अन्वेषक, यूडीसी, एलडीसी, चपरासी व दो शोधकर्ता शामिल हैं, लेकिन वर्तमान में बाबू व चपरासी ही कार्यरत हैं।



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प्रदेश की एकमात्र पीआरसी 

उदयपुर का पीआरसी प्रदेश का एकमात्र एवं स्थापना के आधार पर देश का दसवां पीआरसी है। इसकी स्थापना 1977 में हुई थी और 1981 में अनुसंधान शुरू हुआ। इसमें 1981 से 2016 तक 155 परियोजनाओं पर अध्ययन हो चुके हैं। देश की पहली पीआरसी 1958 में इंस्टीट्यूट ऑफ इकॉनॉमिक ग्रोथ, दिल्ली व अन्तिम पीआरसी हरिसिंह गौर विवि, सागर में 1999 में स्थापित की गई थी। इसके बाद अब तक कोई नई पीआरसी नहीं खुली।


 केन्द्र में कर्मचारियों की नियुक्ति केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन होती है। विश्वविद्यालय को भर्ती के लिए कहने पर ही पद पर भर्ती की जाती है। इसके  तहत डेढ़ माह पूर्व विज्ञप्ति निकाल चुके हैं। 

- प्रो. जेपी शर्मा, कुलपति, सुविवि

अनुसंधान केन्द्र पर कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कर्मचारियों की भर्ती होगी। 

- प्रो. पूरणमल यादव, अतिरिक्त प्रभार, अनुसंधान केन्द्र


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