आतंक के खिलाफ PAK ने नहीं की सख्त कार्यवाई, तो अमरीकी फंडिंग मिलना हो जाएगा मुश्किल

Punit Kumar

Publish: Jul, 15 2017 04:49:00 (IST)

World
आतंक के खिलाफ PAK ने नहीं की सख्त कार्यवाई, तो अमरीकी फंडिंग मिलना हो जाएगा मुश्किल

सेक्रटरी ऑफ डिफेंस जेम्स मैटिस को यह भी सुनिश्चित कराना होगा कि पाकिस्तान उत्तरी वजीरिस्तान को अपनी पनाहगार बनाने वाले हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्यवाई कर रहा है।

आतंकवाद को समर्थन और उन्हें मदद देने के मामले में अब पाकिस्तान घिरता नजर आ रहा है। इसके साथ ही अमरीकी सरकार इसे लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अमरीका की प्रतिनिधि सभा ने रक्षा के क्षेत्र में पाकिस्तान को दी जाने वाली अमरीकी मदद के तौर रक्षा फंडिंग की शर्तों को और भी सख्त बनाने के लिए 3 विधायी संशोधनों पर वोट किया है। 



इस विधायी संशोधन में शर्त रखा गया है कि पाकिस्तान को वित्तीय सहायता देने से पहले पाक को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी सकारात्मक भूमिका दिखानी होगी। अगर पाकिस्तान इसके बावजूद भी आतंकवाद को मदद देना बंद करेगा, तो उसे ना केवल अमरीकी फंडिंग से वंचित होना पड़ेगा। बल्कि अमरीकी सरकार उसके ऊपर सख्त कार्यवाई भी कर सकती है। 



शुक्रवार को 651 अरब डॉलर वाले नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनडीएए) 2018 के सभी तीन विधायी संशोधनों को कांग्रेस के निचली सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने 81 के मुकाबले 344 मतों से इसे पारित कर दिया। तो वहीं इस विधेयक पारित हो जाने के बाद सेक्रटरी ऑफ डिफेंस जेम्स मैटिस को पाकिस्तान को फंड देने से पहले यह जानकारी देनी होगी कि पाकिस्तान ग्राउंड्स लाइंस ऑफ कम्यूनिकेशन पर सुरक्षा बनाए रख रहा है। 



इसके साथ ही सेक्रटरी ऑफ डिफेंस जेम्स मैटिस को यह भी सुनिश्चित कराना होगा कि पाकिस्तान उत्तरी वजीरिस्तान को अपनी पनाहगार बनाने वाले हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्यवाई कर रहा है। साथ ही पाकिस्तान को साबित करना होगा कि अफगान सीमा पर हक्कानी नेटवर्क समेत बाकी के आतंकी संगठनों पर रोक लगाने के लिए अफगानिस्तान सरकार के साथ उसकी भूमिका सकारात्मक है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned