खबरदार... दुबई में कालाधन छिपाना अब नहीं होगा आसान

kamlesh sharma

Publish: Mar, 15 2017 08:20:00 (IST)

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खबरदार... दुबई में कालाधन छिपाना अब नहीं होगा आसान

भारतीयों के पसंदीदा खाड़ी देश यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में अब काला धन खपाना आसान नहीं होगा। जनवरी 2018 से यूएई अपने बैंकों में भारतीयों के खातों की जानकारी भारत सरकार से साझा करने लगेगा।

भारतीयों के पसंदीदा खाड़ी देश यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में अब काला धन खपाना आसान नहीं होगा। जनवरी 2018 से यूएई अपने बैंकों में भारतीयों के खातों की जानकारी भारत सरकार से साझा करने लगेगा। 


यूएई के बैंकों ने अभी से ही भारतीयों के बैंक खाता खोलने से पहले छानबीन तेज कर दी हैं। कंपनियों के लिए अकाउंट्स खोलने के लिए दुबई के बैंक भारत की टैक्स आईडी, पासपोर्ट की कॉपियां और कभी-कभार इन कंपनियों में भारतीय शेयरहोल्डरों की मौजूदगी के प्रमाण मांगने लगे हैं। 



बदल रहे रणनीति

विदेशी बैंक अकाउंट की सूचना सरकार को नहीं देने वाले भारतीय   कार्रवाई से बचने के लिए 'इंश्योरेंस रैपर्स' की आड़ ले रहे हैं। भारतीयों के लिए खाड़ी देश काला धन छिपाने का ठिकाना था। यूएई सरकार के कदम ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।



ऐसे होती थी टैक्स चोरी

भारत में आयकर चोरी के फंडे अपनाने के बाद लोग दुबई में पैसा लगाते हैं। वे अघोषित आय को छिपाने की कार्यप्रणाली में आरबीआई से स्वीकृत उस उदार प्रेषण मार्ग (लिबरलाइज्ड रेमिटैंस रूट) का इस्तेमाल कर मौजूदा शेल कंपनियों के शेयर खरीदना शामिल है, जिसमें भारतीयों को विदेश की संपत्ति और सिक्यॉरिटीज में सालाना 2,50,000 डॉलर (करीब 1.65 करोड़ रुपये) निवेश कर बाद में कंपनी के बैंक अकाउंट पर टैक्स छूट पाने की व्यवस्था है।

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