चार ग्रामीणों को माओवादियों ने किया अगवा, परिजन की तलाश में गए थे जंगल

उनका नाम उईका पाण्डू, उईका धु्रवा, सीते व उईका जोगी है। वे हूंगा की तलाश में जंगल गए थे लेकिन माओवादियों ने हूंगा की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। शव बरामद हो गया है लेकिन परिजन अब तक नहीं लौटे हैं। ब्लॉक अध्यक्ष संजय सोढ़ी के मुताबिक़ उन्हें जानकारी मिली है कि कुन्देड़ के चार ग्रामीण अभी भी नक्सलियों के कब्जे में है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 25 Sep 2020, 03:14 PM IST

सुकमा. कोटकपल्ली में लापता हुए एक युवक की तलाश करने गए हुए चार ग्रामीणों को माओवादियों ने अगवा कर लिया है। 14 सितंबर के बाद से लापता इन चारों का कोई सुराग नहीं मिला है। बताया जाता है कि ये सभी माओवादियों के कब्जे में हंै। इधर बीते मंगलवार को उक्त लापता ग्रामीण उईका हुंगा का शव बरामद किया गया है, जिसकी तलाश की जा रही थी।

इस मसले को लेकर गुरुवार को सुकमा के कुम्हाररास भवन में सर्व आदिवासी समाज की बैठक हुई थी। इस बैठक में संगठन के सुकमा,कोंटा व छिन्दगढ़ ब्लॉक के अध्यक्ष भी मौजूद थे बैठक में अगवा ग्रामीण के परिजन ने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि उनके चार रिश्तेदार 14 सितम्बर से घर नहीं लौटे है उन्हें आशंका है कि माओवादियों ने उनका अपहरण कर लिया है।

उनका नाम उईका पाण्डू, उईका धु्रवा, सीते व उईका जोगी है। वे हूंगा की तलाश में जंगल गए थे लेकिन माओवादियों ने हूंगा की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। शव बरामद हो गया है लेकिन परिजन अब तक नहीं लौटे हैं। ब्लॉक अध्यक्ष संजय सोढ़ी के मुताबिक़ उन्हें जानकारी मिली है कि कुन्देड़ के चार ग्रामीण अभी भी नक्सलियों के कब्जे में है। सर्व आदिवासी समाज ने माओवादियों से अपील की है कि वे इन निर्दोष ग्रामीणों को सुरक्षित छोड़ दें।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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