न्याय मिलने में लग गए 39 बरस, 60 वर्ग फीट जमीन को लेकर चली मुकदमेबाजी

न्याय मिलने में लग गए 39 बरस, 60 वर्ग फीट जमीन को लेकर चली मुकदमेबाजी
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Shatrudhan Gupta | Publish: Oct, 07 2017 05:30:45 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कोर्ट ने निर्णय में कहा कि विवादित भूमि से विपक्षी अपनी दीवार व अन्य निर्माण तीन माह के अंदर अपने खर्च पर हटा लें।

सुल्तानपुर. न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति का खमियाजा कैसे पीडि़त पक्ष को उठाना पड़ता है, इसकी बानगी जिले में भी देखने को मिली। हालांकि पहले भी न्यायिक प्रक्रिया की सुस्त गति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। पहले भी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कैसे न्याय मिलने में देरी हो रही है? इसकी वजह भी बताई गई थी कि अदालतों पर काम का बोझ बहुत ज्यादा है। बहरहाल इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आए हैं, जिसमे कई पीडिय़ां मुकदमेबाजी में खत्म हो गईं।

मामला सिर्फ थोड़ी सी जगह का, लग गए 39 बरस

सुल्तानपुर में 60 वर्ग फीट जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच अदालत में 39 वर्ष तक मुकदमेबाजी चली। दोनों पक्षों ने जमीन पर अपना हक साबित करने के लिए साक्ष्य पेश किए। एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने विपक्षी की अपील खारिज करते हुए उसे तीन माह के अंदर दीवार व अन्य निर्माण को अपने खर्च पर हटवाने का आदेश दिया है। मामला सदर तहसील के मनियारी गांव से जुड़ा है।

सदर तहसील के मनियारी गांव से जुड़ा मामला

जानकारी के मुताबिक गांव निवासी शेखावत के मकान से सटी हुई जमीन पर विपक्षियों ने निर्माण करा लिया था। इससे शेखावत को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इससे परेशान होकर 1978 में वादी ने विपक्षियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 17 अगस्त 1980 को अपर सिविल जज चतुर्थ ने शेखावत के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ विपक्षी अमृतलाल एवं अन्य ने जिला जज की कोर्ट में अपील दायर की थी। शेखावत की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मोहम्मद अनीस खां बताते हैं कि दोनों पक्षों के बीच मात्र 60 वर्ग फीट जमीन को लेकर करीब 39 वर्ष तक मुकदमेबाजी चली।

कोर्ट ने खारिज की अपील, तीन माह में दीवार हटाने का दिया आदेश

इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने साक्ष्य पेश करते हुए जमीन पर अपना कब्जा बताया। एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विपक्षी की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने निर्णय में कहा कि विवादित भूमि से विपक्षी अपनी दीवार व अन्य निर्माण तीन माह के अंदर अपने खर्च पर हटा लें।

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