भूमाफिया कर रहे रामलीला मैदान पर कब्जा, डीएम ने रोका अवैध निर्माण

- करीब डेढ़ सौ वर्षों से रामलीला का किया जा रहा है मंचन
- अवैध रूप से संचालित स्कूल को जर्जर दिखाकर मकान और दुकान का निर्माण

By: Neeraj Patel

Updated: 25 Feb 2021, 01:56 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सुलतानपुर. जिले में में भूमाफियाओं द्वारा रामलीला मैदान की जमीन ही कब्जा कर ली गई है। वहां पर अवैध रूप से संचालित विद्यालय को जर्जर दिखाकर अंदर ही अंदर मकान और दुकान का निर्माण करवाया जा रहा है। इस बात की भनक जब नगर पालिकाध्यक्ष समेत तमाम स्वयं सेवी संगठनों को लगी तो उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की। जिलाधिकारी ने जांच के लिए एडीएम को मौके पर भेज कर काम रुकवा दिया है और कार्यवाही की बात कही है।

इस मैदान पर चौक और उसके आस-पास के व्यापारियों द्वारा करीब डेढ़ सौ वर्षों से रामलीला मंचन किया जाता है। आरोप है कि इसी जमीन पर अवैध रूप से संत तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किया जा रहा है, जबकि इस विद्यालय की जमीन दूबेपुर के पलहीपुर में आवंटित है। इस बीच रामलीला कमेटी ट्रस्ट और विद्यालय प्रबंध तंत्र ने विद्यालय भवन को जर्जर दिखाते हुए अंदर ही अंदर मकान और दर्जनों दुकान का निर्माण शुरू करवा दिया।

रामलीला मैदान की जमीन कब्जा करने की जानकारी जब नगर पालिका को लगी तो पालिकाध्यक्ष समेत तमाम स्वयं सेवी संगठनों ने यहां हो रहे निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ये सभी जिलाधिकारी से शिकायत करने पहुंचे। जिलाधिकारी से मामले की शिकायत के बाद हड़कम्प मच गया। जिलाधिकारी की मानें तो ये जमीन सरकारी अभिलेखों ने नजूल के नाम पर दर्ज है। ऐसे में यहां किसी भी मकान या दुकानों का निर्माण पूरी तरह से अवैध है। उन्होंने तत्काल एडीएम को जांच के लिए रामलीला मैदान भेजा और और वहां हो रहे निर्माण कार्य को रुकवाने के निर्देश दिया।

निर्माण कार्य पर डीएम ने लगाई रोक

जिलाधिकारी ने कहा कि अगर दुकान और मकान बेचने का बैनामा किया गया है तो वो भी शून्य माना जाएगा। वहीं जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर पहुंचे एडीएम ने मकान और दुकान का हो रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही पूरा कार्यभार नगर पालिका को सौंप दिया। जिसके बाद नगर पालिका ने वहां अपना ताला बंद कर दिया। पालिकाध्यक्ष की माने तो आगे इस विद्यालय के भवन को गिराकर अवैध कब्जे से मुक्त करवा दिया जाएगा ताकि रामलीला मैदान बड़ा हो सके।

Neeraj Patel
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