सिक्कों को लेकर लोग हो रहे हैं परेशान, बंद होने की अफवाह हुईं गर्म

बंद होने की अफवाहों को बल मिलने से एक, दो और पांच के सिक्के के चलन को लेकर लोग परेशान हैं।

सुल्तानपुर. पिछले साल नोटबंदी के दौरान जिन सिक्कों ने सहारा दिया, अब वही लोगों की परेशानी का सबब बन रहे हैं। आम जनता से लेकर छोटे-बड़े व्यापारियों में सिक्कों के चलन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बंद होने की अफवाहों को बल मिलने से एक, दो और पांच के सिक्के के चलन को लेकर लोग परेशान हैं। बैंक अधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में सिक्के लेने से इंकार कर दिया है। 

 

बैंक क्यों नहीं ले रहे सिक्के?
पिछले साल भारत सरकार की ओर से नवंबर माह में 1000 व 500 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की गई थी। नोटबंदी के दौरान बैंकों में करेंसी नोटों की कमी से ग्राहकों को सिक्के से भुगतान किया गया था। एक शीर्ष बैंक के अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के पांच महीने बाद पूरे देश में 100 करोड़ रुपये के सिक्के पूरी तरह बाजार में चलन में आ गए थे। इसमें करीब 30 करोड़ रुपये के बराबर एक-दो रुपये के सिक्के शामिल थे। वे सिक्के ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे गए थे। करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक के पांच-10 रुपये के सिक्के ग्राहकों को बैंक की ओर से दिए गए थे।

 

इतनी बड़ी मात्रा में बाजार में सिक्के आने से दुकानदार से लेकर बैंक कर्मी तक परेशान हैं। वे खास तौर से एक-दो रुपये के सिक्के गिनने से बचने के लिए उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे उनके बंद होने की अफवाह को बल मिल रहा है। ग्राहक भी चाहते हैं कि एक दिन में उनका पूरा पैसा बदल जाए। ऐसे में बैंकों की असुविधा स्वाभाविक है। बैंक कर्मियों का कहना है कि कम संख्या में ग्राहक सिक्का लेकर आएं तो बदलना मुश्किल नहीं है। जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 196 शाखाएं संचालित हैं। इनमें अधिकांश शाखाएं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की हैं। 

 

व्यापारियों के लिए भी मुसीबत

व्यापारी नेताओं का कहना है कि शहर के ज्यादातर व्यापारियों के पास हजारों रुपये के सिक्के हैं, लेकिन बैंक वाले उन्हें नहीं ले रहे। ग्राहक भी सिक्के नहीं लेना चाहते। इसके पीछे बैंक अफसरों का अपना तर्क है। जबकि आरबीआई के साफ निर्देश हैं कि बैंक सिक्के जमा करें। व्यापारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि  कि उनके पास भी अधिक मात्रा में सिक्के हैं। ग्राहक उन्हें ले नहीं रहे और बैंक भी सिक्का जमा नहीं कर रहे। ऐसे में इसमें रोजाना इजाफा हो रहा है। आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार बैंकों को सिक्के लेने चाहिए।

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नितिन श्रीवास्तव
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