बेमौसम बारिश से किसान बेहाल, कद्दू, लौकी और परवल की फसल में 60 फीसदी तक नुकसान

सब्जी किसानों की टूटी कमर और बढ़ी आर्थिक तंगी

By: Hariom Dwivedi

Updated: 05 May 2020, 03:34 PM IST

सुलतानपुर. तेज आंधी के साथ हुई बारिश से खेती-किसानी को काफी नुकसान पहुंचा है। बीती रात आई तेज आंधी के साथ हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी किसानों को हुआ है। रात में हुई बारिश से सब्जी के खेतों में पानी भर गया है। इससे सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कद्दू, लौकी और परवल की खेती को 60 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। इस साल आसमानी आफत ने किसानों को हिला कर रख दिया है। यह आफत किसानों पर दिसम्बर 2019 से हर 10 से 15 दिनों के भीतर पड़ती रही है। मसलन कभी कोहरा ,कभी बेमौसम बारिश, कभी ओलावृष्टि तो कभी आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश से किसान संभल नहीं पा रहा है। रही-सही कसर बीती रात तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने पूरी कर दी।

बेमौसम बारिश से पशु पालकों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि गेहूं की मड़ाई के बाद अभी किसान भूसे को सुरक्षित स्थान पर नहीं रख पाए थे, तभी एक बार फिर बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि अभी गेहूं की मड़ाई भी खत्म नहीं हुई है। अभी करीब 15 प्रतिशत किसान गेहूं की मड़ाई नहीं कर सके हैं। फिलहाल बीती रात हुई तेज बारिश से किसानों के भूसे सड़ने का खतरा मंडराने लगा है ।

कद्दू, लौकी और परवल को 60 फीसदी नुकसान
सब्जी किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है , एक तो लॉकडाउन होने के कारण सब्जियां मंडियों में नहीं पहुंच पा रही हैं और दूसरे किसानों पर प्रकृति का प्रकोप लगातार जारी है । ग्राम लोदीपुर के परवल की खेती करने वाले किसान राम सूरत मिश्र का कहना है कि हर साल वे परवल की खेती करके मुनाफा कमाते रहे हैं ।लेकिन इस साल दो माह पहले हुई बरसात और ओलावृष्टि के कारण परवल की फसल खराब हो गई थी । लगातार मौसम खराब होने के कारण परवल की पैदावार में 60 प्रतिशत तक की कमी आ गई है । वे कहते हैं कि इसके अलावा लॉकडाउन के कारण सब्जियां मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं । जिससे लागत निकालना मुश्किल हो रहा है ।

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Hariom Dwivedi
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