युवक के मौत की उलझी गुत्थी, पुलिस कस्टडी में हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए बड़े राज

जिले में पति-पत्नी के आपसी विवाद में कुुुड़वार पुलिस द्वारा थाने पर लाए गए युवक की मौत का मामला उलझ गया है।

सुलतानपुर. जिले में पति-पत्नी के आपसी विवाद में कुुुड़वार पुलिस द्वारा थाने पर लाए गए युवक की मौत का मामला उलझ गया है। पुलिस कस्टडी में हुए युवक की मौत की वजह पुलिस मिर्गी की बीमारी बता रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद युवक के मौत की गुत्थी पुलिसिया स्टोरी को एकदम उलट दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण सामने आया है कि युवक के शरीर पर 6 चोटों के निशान मिले हैं। जो कि पुलिस पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि कुड़वार थाना कस्टडी में हुई युवक की मौत का मामला पुलिस के गले की फांस बनता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक के शरीर पर आधा दर्जन से ज्यादा चोटें पाई गई है, हालांकि ये चोटें मृत्यु के लिए पर्याप्त नहीं मानी गईं। इसीलिए मौत की वजह जानने के लिए विसरा परीक्षण का इंतजार जारी है।

पति-पत्नी विवाद पर पुलिस लाई थी थाने

बताते चलें कि आपसी विवाद पर पत्नी ने रविवार को डायल 112 को बुलाया था, तब भंडरा परशुरामपुर निवासी महंगू के बेटे महेंद्र उर्फ पुद्न्नी को थाने ले जाया गया। सोमवार को उसकी हालत बिगड़ने पर पहले कुड़वार ले जाया गया। युवक की हालत बिगड़ी तो एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टेम कराया गया। इसमें गुत्थी और भी ज्यादा उलझ गई है।

पल्ला झाड़ रही पुलिस

घटना के बाद जब मीडिया व आम लोग जमा हुए तो पुलिस भी चौंकन्ना हुई । परिजनों के आरोप पुलिस को संदेह के दायरे में खड़ा कर रहे हैं, हालांकि मामले में वर्दीधारियों की संलिप्तता से इनकार भी किया जाने लगा। क्षेत्राधिकारी नगर सतीश चन्द्र शुुुकल का कहना है कि महेंद्र के साथ उत्पीड़न किए जाने की कोई शिकायत नहीं है। वे मृतक को शराब का आदी व मिरगी का मरीज बता रहे हैं।

इसके साथ ही उनका कहना तो ये भी है कि उसे समझा बुझाकर थाने से वापस भेज दिया गया था, बाद में मिर्गी आई तो अस्पताल ले जाया गया। अपनी बात को मजबूत बनाने के लिए महेंद्र के पिता का अंगूठा लगा एक प्रार्थनापत्र भी पुलिस मीडिया को दिखा रही है। पीएम से यह भी साफ हो गया है कि पुद्न्नी के पेट में एल्कोहल नहीं था।

परिजन खोल रहे पुलिस की पोल

सोमवार की शाम ही महेंद्र के पिता ने नगर कोतवाली में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वालों से कहा था कि पुदन्नी को पुलिस ले गई थी। उनका बेटा कैसे मरा वही जाने? फिर पोस्टमार्टम हाउस पर उसने कैमरे के सामने साफ कहा कि पुलिस ने उसे बेटे की बीमारी बताकर घर से बुलाया औऱ चार पांच सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिए, तब बताया कि महेंद्र की मौत हो गई है।

पुलिस के पाबंद में तमाम छेद

कुड़वार सीएचसी में सोमवार की शाम उसे इलाज के लिए पुलिस ले गई थी। यह लिखापढ़ी कैसे झुठलाई जा सकती है। जिला अस्पताल में एम्बुलेंस से जरूर लाया गया लेकिन एम्बुलेंस तो पुलिस वाले ही बुलवाए थे। 112 के रिकॉर्ड भी यही बता कर रहे हैं कि महेंद्र को घर से लाकर थाने छोड़ा गया था और यह रिकॉर्डिंग भी है कि जब जिला अस्पताल में लोगों ने ये आरोप लगाना शुरू किया कि महेंद्र दो दिन से थाने पर था तो स्वयं एसओ अशोक कुमार व एसआई शास्त्राजीत ने स्वीकार किया था कि तीन घंटे तक ही पुलिस कस्टडी में था। हालात बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल लाया गया है।

विरोध के बाद अंत्येष्टि को माने परिजन

बुधवार सुबह से ही महेंद्र के अंतिम संस्कार न करने की सुगबुगाहट होने लगी थी, लेकिन सीओ सिटी व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर उच्च स्तरीय जांच व अहेतुक सहायता का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया। जो नेता वहां गए वे श्रद्धांजलि देकर रवाना हो गए।

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Neeraj Patel
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