कोरोना पॉजिटिव भाजपा नेता ने एंबुलेंस में ही तोड़ा दम, परिजन बोले- नर्स ने नहीं दिया ऑक्सीजन

BJP leader death: स्थानीय भाजपा नेताओं व परिजनों ने नर्स (Nurse) पर की कार्रवाई की मांग, कहा- हमने ऑक्सीजन (Oxygen) लगाने कहा था लेकिन नर्स ने एक न सुनी

By: rampravesh vishwakarma

Published: 15 May 2021, 11:16 PM IST

सलका. ग्राम बुंदिया में होम आइसोलेट (Home Isolated) मरीज की तबियत बिगडऩे के बाद एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि एंबुलेंस में मौजूद नर्स ने वक्त रहते उसे ऑक्सीजन नहीं दिया, इसकी वजह से उसकी जान चली गई। मृतक स्थानीय भाजपा नेता (BJP leader) थे। इस मामले की शिकायत परिजन व भाजपाइयों ने प्रशासन से भी की है।

Read More: कोरोना पॉजिटिव भाजपा नेता समेत 2 की मौत, संभाग में हर दिन बढ़ रहे मौत के आंकड़े चिंताजनक


सूरजपुर जिले के सोनगरा से लगे ग्राम बुंदिया निवासी तिवारी पैकरा कुछ दिन पूर्व कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। होम आइसोलेशन में उनका उपचार चल रहा था। शुक्रवार की शाम उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने तत्काल संजीवनी 108 एंबुलेंस को बुलाया।

Read More: सरगुजा में 24 घंटे के भीतर 10 कोरोना संक्रमितों की मौत, इस महीने मिले 6592 पॉजिटिवों में 51 की गई जान

आरोप के अनुसार परिजनों ने घर से निकलते वक्त ही नर्स प्रियंका दुबे को मरीज को ऑक्सीजन लगाने को कहा, लेकिन नर्स ने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सुविधा होने के बाद मरीज को लगाने से मना कर दिया, आगे देखेंगे कहकर पीछे का दरवाजा बंद कर आगे की सीट पर बैठ गई।

कुछ ही दूर जाने के बाद परिजन को एहसास हुआ कि मरीज की तबियत ज्यादा बिगड़ती जा रही है, परिजनों ने चिल्लाया, लेकिन नर्स (Nurse) ने उनकी एक न सुनी और कोविड-19 अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


भाजपा नेताओं ने की कार्रवाई की मांग
इस मामले में भाजपा नेता रमेश गुप्ता, देवेंद्र गुप्ता, वरूण कुमार मरावी, अनूप जायसवाल व ओमप्रकाश यादव व परिजन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Read More: Raipur जाने 24 घंटे तक नहीं मिली Ambulance तो महिला को मुक्तांजलि में ले जाना पड़ा घर, भड़के MLA


मुझपर लगाए गए आरोप निराधार
इस मामले में नर्स प्रियंका दुबे ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। जब मरीज को रिसीव किया गया तो उस समय उनकी हालत सामान्य थी, उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं थी। फिर मैं परिजन को यह कहकर एंबुलेंस (Ambulance) में आगे बैठी थी कि अगर कोई दिक्कत होगी तो मुझे खिड़की से तुरंत बताइएगा।

लेकिन वे कुछ नहीं बताए। जब परिजन के रोने की आवाज आई, तब मैं रूकवाकर पीछे गई। इसके बाद तुरंत मरीज को अस्तपाल ले जाया गया, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।

rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned