डबल ओपीडी का बहिष्कार करने वाले एक डॉक्टर को किया गया बर्खास्त, इन 13 डॉक्टर को बर्खास्त करने शासन को भेजा पत्र

Doctor dismissed: दो डॉक्टरों को दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम, जबकि 2 डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर किया गया अटैच

सूरजपुर. ओपीडी का बहिष्कार करने वाले डॉक्टरों पर समझाइश के बाद शासन ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। रविवार को इस मामले में जहां एक डॉक्टर को बर्खास्त (Doctor dismissed) कर दिया है, वहीं 13 डॉक्टरों के खिलाफ बर्खास्तगी के लिए राज्य शासन को पत्र भेजा गया है। जबकि दो डॉक्टरों को मेडिकल कालेज अटैच कर दिया गया है।


ज्ञात हो कि पिछले एक सप्ताह से यहां जिला चिकित्सालय के डॉक्टर दो पाली में ओपीडी संचालित किए जाने के विरोध समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल में थे। पहले डॉक्टरों ने केवल ओपीडी का बहिष्कार किया और शनिवार से इमरजेंसी सेवाओं को भी ठप कर दिया था, जिससे किसी तरह अस्पताल की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही है।

हड़ताली डॉक्टरों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन व जिला प्रशासन ने भी व्यक्तिगत तौर पर हड़ताल न करने की समझाइश दी थी, बावजूद इसके डॉक्टर हड़ताल पर ड़टे रहे जबकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि ओपीडी दो पाली में ही संचालित होगी।

इस निर्णय पर सरकार एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नही है। सरकार की इस सख्ती के बाद कुछ जिलों के डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है, लेकिन सूरजपुर के चिकित्सक अड़े रहे। जिसे अस्पताल प्रबंधन ने गंभीरता से लेते हुए रविवार को बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल प्रबंधन की इस कार्रवाई से हड़ताली डॉक्टरों में हडक़ंप मचा हुआ है।

सीएचएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए एमबीबीएस सहित आयुर्वेद व आरएमए के डॉक्टरों की तैनाती की गई है। वे अपनी सेवाएं देकर अस्पताल की व्यवस्था को सुचारू बनाए हुए है।


इन पर गिरी कार्रवाई की गाज
हड़ताल में शामिल डॉक्टर रोहित पटेल को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं डॉक्टर संदीप जायसवाल तथा विनय गुप्ता को मेडिकल कालेज अटैच कर दिया गया है। इसी तरह डॉक्टर सीमा गुप्ता, रजनीश गौतम, दीपक ठाकुर, अविनाश सिंह, गौरव सिंह, मालती नाग, नवीन तिवारी, साधना सिंह, नंदनी सिंह, आनंद मोहन त्रिपाठी, अरविन्द सिंह, महामाया प्रताप सिंह व दुर्गेश बंजारे के खिलाफ बर्खास्तगी के लिए राज्य शासन को पत्र भेज दिया गया है।

सीएचएमओ डॉक्टर आर.एस सिंह ने बताया कि डॉक्टर मंगेश चांदेवार व श्रृष्टि झारिया को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगर उक्त चिकित्सक सुबह तक अपनी सेवाओं पर हाजिर नहीं होते है तो इन पर भी बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर विश्रामपुर के शत्रुधन भगत व तिलकेश्वर सिंह को मूल पद पर वापस भेज दिया गया है।


विधायक से मिलने पहुंचे हड़ताली डॉक्टर
इधर दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन की इस कड़ी कार्रवाई से हड़ताली डॉक्टर भारी गुस्से में हंै। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद देर शाम हड़ताल में शामिल डॉक्टर विधायक खेलसाय सिंह से मिलने उनके गृहग्राम शिवपुर पहुंचे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल उनका मौलिक अधिकार है, जिसके तहत वे अपनी मांगे रख रहे थे, परन्तु शासन ने उनसे कोई बात करना भी मुनासिब नही ंसमझा।

सीधे कार्रवाई पर उतारू हो गई। डॉक्टरों ने कहा कि वे फिलहाल अपनी मांगों पर अडिग हंै। जब तक शासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई पहल नही की जाती वे हड़ताल से पीछे हटने वाले नहीं हंै।

दूसरी ओर बताया गया है कि रविवार को सूरजपुर जिला मुख्यालय में संभाग भर के डॉक्टर जुटे थे जो स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से मुलाकात करना चाह रहे थे, परन्तु सिंहदेव के सूरजपुर न आने के कारण उनका यह कार्यक्रम रद्द हो गया। जबकि इधर अस्पताल प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे डॉक्टर गुस्से में हैं।

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rampravesh vishwakarma Desk
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