धान खरीदी 1 से होगी शुरु, टोकन सिस्टम में किसानों को धान बेचने के मिलेंगे मात्र 3 ही अवसर

Paddy procurement: समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों (Computer operators) को धान खरीदी के पूर्व दिया गया प्रशिक्षण, शत-प्रतिशत धान खरीदी (Paddy purchase) का रखा गया है लक्ष्य

By: rampravesh vishwakarma

Published: 29 Nov 2020, 11:38 PM IST

सूरजपुर. खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 हेतु धान खरीदी (Paddy procurement) 1 दिसंबर से प्रारंभ हो रही है। शासन की मंशानुसार किसानों का शत् प्रतिशत धान खरीदी हो पाए इसके मद्देनजर कलक्टोरेट सभा कक्ष में जिले के सभी धान खरीदी के समिति प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों (Computer operators) को धान खरीदी के संबंध में बिन्दुवार प्रशिक्षण दिया गया।


प्रशिक्षण में खरीफ वर्ष 2020-21 के धान उपार्जन के सोसायटी मॉड्यूल में इन्सटालेशन, इंटरनेट कनेक्टीविटी की उपलब्धता एवं अनिवार्यता के साथ ऑपरेट करने की प्रक्रियाओं को बताकर प्रशिक्षित किया गया। इसमें उपार्जन केन्द्र में लॉगिन करने हेतु सबसे पहले उपार्जन केन्द्र की स्थापना करना अनिवार्य होगा।

उपार्जन केन्द्र की स्थापना ऑनलाइन सोसायटी मॉडयूल में लॉगिन कर उपार्जन केन्द्र (Paddy procurement center) का स्थापन करने के लिए बताया गया। प्रशिक्षण में आये समिति प्रबंधकों एवं ऑपरेटरों को कलक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार 1 दिसंबर से धान खरीदी प्रारंभ हो रही है, इसके लिए आप सभी संवेदनशील होकर कार्य करें।

उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में स्थान की पर्याप्त उपलब्धता, संग्रहण क्षमता, ड्रेनेज एवं कवर की पर्याप्त व्यवस्था, पीने के लिए पानी की व्यववस्था, कम्प्यूटर एवं इंटरनेट कनेक्शन दुरूस्त करने, टोकन व्यवस्था, नापतौल, आद्रता मापी यंत्र सहित अन्य उपकरणों को दुरूस्त रखने कहा है।

कलक्टर ने किसानों से शत् प्रतिशत धान लेने कहा है तथा पीडीएस (PDS) का बारदाना उपयोग करने निर्देशित किया है। प्रशिक्षण एवं बैठक के दौरान अपर कलक्टर एसएन मोटवानी, संयुक्त कलक्टर शिवकुमार बनर्जी, खाद्य अधिकारी संदीप भगत, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जीएस शर्मा, जिला विपणन अधिकारी बीएस टेकाम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


किसानों को करें जागरूक
खाद्य अधिकारी संदीप भगत ने समस्त धान खरीदी प्रभारियों को किसानों को जागरूक करने कहा है, शासन के निर्देशानुसार किसानों को धान विक्रय करने के तीन अवसर प्रदान किये जायेंगे।

इसमें टोकन कटाने के बाद निरस्त करने से वह अवसर समाप्त हो जायेगा। जिसके लिए किसानों को टोकन कटाने के समय ही जागरूक करते हुए प्राप्त अवसर पर ही धान विक्रय करने समझाइश देने कहा है। जिससे उन्हें धान विक्रय के सभी अवसरों का लाभ मिल सके।

rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned