बीमार दिव्यांग महिला को अस्पताल पहुंचाने करनी पड़ी जद्दोजहद, झेलगी में ढोकर 15 किमी चले परिजन

Health facility: सरगुजा संभाग में आए दिन ऐसी तस्वीरें आती रहती हैं सामने, पहुंच मार्ग नहीं होने से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हो पा रहीं नसीब

By: rampravesh vishwakarma

Published: 24 Aug 2020, 11:15 PM IST

सूरजपुर. सरगुजा संभाग में अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां तक एंबुलेंस या अन्य चारपहिया वाहन पहुंच पाना असंभव है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को बीमारी या प्रसव के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे-तैसे अस्पताल पहुंचाने के लिए उन्हें झेलगी में बीमार या प्रसूता को ढोकर कई-कई किमी तक पैदल चलना पड़ता है।

ऐसी ही एक तस्वीर सूरजपुर जिले के ओडग़ी ब्लॉक के ग्राम बैजनपाठ से सामने आई है। यहां की दिव्यांग बीमार महिला को परिजनों द्वारा 15 किलोमीटर तक झेलगी में ढोकर चलना पड़ा, इसके बाद उसे एंबुलेंस नसीब हो सकी।


सूरजपुर जिले के ओडग़ी ब्लॉक के दूरस्थ अंचल बैजनपाठ की एक बीमार महिला को सोमवार को भारी जद्दोजहद के बाद अस्पताल तक ले जाया जा सका। करीब 15 किमी झेलगी में तो करीब 10 किमी खुद डॉक्टर एम्बुलेंस लेकर पहुंचे थे तब कहीं जाकर महिला अस्पताल पहुंची है।

ये वही दिव्यांग महिला है, जिसे बीते 4 अगस्त को प्रसव पीड़ा के दौरान जैसे-तैसे उफनती नदी पार कर मध्यप्रदेश ले जाया गया था, जहां से वह बच्चे के साथ स्वस्थ होकर लौट आई थी पर रविवार से फिर जच्चा-बच्चा दोनों की तबियत खराब होने पर उसे परिजन व गांव के अन्य लोग मिल कर झेलगी से बिहारपुर अस्पताल लेकर आ रहे थे। करीब 15 किमी चलने के बाद वे ग्राम महुली पहुंचे।


डॉक्टर ने उपलब्ध कराया एंबुलेंस
इसकी जानकारी लगने के बाद बिहारपुर में पदस्थ डॉक्टर मिश्रा एम्बुलेंस लेकर पहुंचे थे। उन्होंने वहां से उपचार के लिए महिला को अस्पताल लाया। इधर डॉक्टर मिश्रा ने बताया कि रसौकी में एक महिला के प्रसव के मामले में स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा गया है ताकि महिला को जरूरत की दवा उपलब्ध कराई जा सके।

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