शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम कॉलरीकर्मी पति की 20 साल छोटी तीसरी पत्नी ने प्रेमी से कराई हत्या, रिटायरमेंट से पहले बनाया ये खौफनाक प्लान

Murder in Illegal Relation: पति को रास्ते से हटाने के बाद प्रेमी के साथ मिलकर उसके रुपयों से ऐश करने व अनुकंपा नौकरी से जिंदगी बसर करने की थी साजिश

By: rampravesh vishwakarma

Published: 29 Jun 2020, 08:57 PM IST

सूरजपुर. रिटायरमेंट से 3 दिन पहले एक कॉलरीकर्मी की हत्या उससे 20 साल छोटी तीसरी पत्नी ने प्रेमी व उसके दोस्त से करा दी। (Murder in Illegal Relation) कॉलरीकर्मी का शव 3 महीने पूर्व पगडंडी पर पड़ा मिला था। पीएम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई थी।

पूछताछ में पता चला कि पत्नी ने ही अपने प्रेमी व उसके दोस्त के साथ मिलकर हत्या कर दी है। पत्नी व उसके प्रेमी की ये मंशा था कि हत्या के बाद मिले रुपयों व अनुकंपा नौकरी से दोनों आगे की जिंदगी बसर कर लेंगे। पुलिस ने आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि उसका दोस्त फरार है। पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी है।


सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंशीपुर निवासी बाबूलाल 60 वर्ष शिवानी खदान में पंप ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। वह अपनी तीसरी पत्नी सागरमती 40 वर्ष व 2 बेटों के साथ रहता था। उसकी पत्नी उससे 20 साल छोटी थी। उसने घर के सामने वाले हिस्से में ढाबा भी खोल रखा था जिसे बच्चों के सहयोग से पत्नी चलाती थी।

बाबूलाल 31 मार्च को रिटायर होने वाला था। इसी बीच 28 मार्च की सुबह घर से कुछ दूर नहर के पास उसकी संदिग्ध अवस्था में लाश मिली थी। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव का पीएम कराया। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु की। (Murder in Illegal relation)

सूरजपुर एसपी राजेश कुकरेजा के निर्देशन तथा एएसपी हरीश राठौर के मार्गदर्शन में आरोपियों को पकडऩे टीम बनाई गई। इस दौरान पता चला कि पत्नी के प्रेमी मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू मिश्रा 35 वर्ष ने अपने दोस्त सीताराम यादव के साथ मिलकर बाबूलाल की गमछे से गला व मुंह दबाकर हत्या की थी और शव को नहर के पास फेेंक दिया था।

इस मामले में पुलिस ने पत्नी सागरमती व प्रेमी मणिरंजन उर्फ पिंटू मिश्रा को गिरफ्तार कर धारा 302, 201, 120बी व 34 के तहत जेल भेज दिया। (Murder in Illegal Relation)

कार्रवाई में ओडग़ी एसडीओपी सुश्री मंजुलता बाज, भटगांव थाना प्रभारी किशोर केंवट, चेंद्रा चौकी प्रभारी एसआई आराधना बनोदे, प्रधान आरक्षक संजय चौहान, राजेश यादव, आरक्षक प्रकाश साहू, रजनीश पटेल, मो. नौशाद, मनोज जायसवाल, अशोक कन्नौजिया, अवधेश कुशवाहा, कमलेश सिंह, महिला आरक्षक सरिता कुजूर, आशा लकड़ा व अन्य शामिल रहे।


ढाबा में आने के दौरान हुई थी महिला से पहचान
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मृत कॉलरीकर्मी नशे का आदी था तथा जुआ भी खेलता था। शारीरिक रूप से अक्षम होने व टीबी की बीमारी होने के कारण वह पत्नी से संबंध नहीं बना पाता था। इस बीच शीतला मंदिर के पास स्थित ढाबे में आरोपी मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू मिश्रा खाना खाने अक्सर आता था।

इस दौरान मृतक की पत्नी सागरमती से उसकी पहचान हो गई। चूंकि कॉलरीकर्मी पत्नी की शारीरिक आवश्यकताओं को पूरी नहीं कर पाता था, इस कारण वह मणिरंजन मिश्रा से शारीरिक संबंध (Husband Murder in Illegal Relation) बनाने लगी थी।


रिटायरमेंट से पहले हत्या की बनाई योजना
31 मार्च 2020 को मृतक बाबूलाल रिटायर होने वाला था। पत्नी को इस बात की चिंता सताने लगी थी कि रिटायरमेंट के बाद वह घर में ही रहेगा तो उसका प्रेमी से मिल पाना संभव नहीं होगा। इसके बाद पत्नी व प्रेमी ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

तय योजना के अनुसार 27 मार्च की रात आरोपी मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू अपने दोस्त सीताराम यादव के साथ मृतक के घर आया और साथ में बैठकर शराब पी। उसने मृतक से कहा कि चलो ताश खेलते हैं। इस पर मृतक ने पत्नी से रुपयों की मांग की तो पत्नी ने छोटे बेटे मोहित को बोलकर 3 हजार रुपए दिलवा दिए।

इसके बाद मणिरंजन मिश्रा व उसके दोस्त उसे नहर के पास ले गए और दोनों ने मिलकर उसके ही गमछे से गला व मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों घर लौट गए।


बेटे को कमरे में कर दिया था बंद
हत्या करने जाने के दौरान मणिरंजन मिश्रा ने अपने कमरे में उसके छोटे बेटे मोहित को बंद कर दिया था। वह टीवी देखते ही मोबाइल चला रहा था। कुछ देर बाद जब उसने दरवाजा खोलना चाहा तो दरवाजा बंद था। इसके बाद वह पीछे की दीवार फांदकर निकला। इसी बीच आरोपी मणिरंजन व सीताराम उसे स्कूटी से आते दिखाई दिए थे।


जिंदगी ऐश से जीने की थी मंशा
आरोपी पत्नी व प्रेमी की मंशा था कि रिटायरमेंट से पहले हत्या करने से उसे अनुकंपा में नौकरी मिल जाएगी तथा रिटायरमेंट के पैसे से दोनों ऐश की जिंदगी गुजारेंगे। पत्नी ने सोचा था कि वह रिटायरमेंट में मिले पैसे से प्रेमी के लिए एक चारपहिया वाहन खरीद देगी और अपने घर के बगल में ही घर बनवा देगी, लेकिन उनकी ये मंशा धरी की धरी रह गई। अब दोनों की जिंदगी जेल में बितेगी।

Show More
rampravesh vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned