चाहकर भी नहीं पहुंचा पाए अस्पताल तो घर पर हुई डिलीवरी, चंद घंटे में ही सूनी हो गई गोद, महिला की हालत भी नाजुक

Newborn death: प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला के परिजन चाहकर भी उसे नहीं पहुंचा पाए अस्पताल, चारों ओर से नदियों से घिरा है गांव

By: rampravesh vishwakarma

Published: 23 Aug 2020, 10:51 PM IST

सूरजपुर. चारों ओर नदियों से घिरे रसौकी में प्रसव पीड़ा से परेशान महिला चाह कर भी अस्पताल तक नहीं पहुंच सकी जिससे घर में प्रसव तो हुआ लेकिन बच्चे की मौत (Newborn death) हो गई और महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।

बच्चा भी अविकसित हुआ था। ओडग़ी ब्लॉक के चांदनी जैसे दुरुस्त इलाके में अभी भी स्वास्थ्य सुविधा एक सपने जैसा ही बना हुआ है।


स्वास्थ्य विभाग के योजनाओं की जमीनी हकीकत बिहारपुर चांदनी क्षेत्र आसानी से देखने को आये दिन मिल ही जाता है। जहां पर महतारी एक्प्रेस सहित अन्य सुविधा बंद है। रसौकी निवासी महिला लोली कुंवर को प्रसव पीड़ा हुई तो किसी तरह उसका प्रसव कराया गया पर नवजात की मौत (Newborn death) हो गई।

प्रसूता की स्थिति गंभीर बनी हुई है, गांव के जानकार उपचार मे लगे हुए हंै। रसौकी में प्रसव के दौरान नवजात की सांसें कुछ देर चलने के बाद आखिरकार थम गई। नवजात अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ था, बच्चे का शरीर, हाथ पैर व अन्य अंग विकसित नहीं हुये थे।

स्वास्थ्य विभाग के कागजों में उमझर गांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र है और स्वास्थ्य कार्यकर्ता पदस्थ भी है पर हमेशा उप स्वास्थ केन्द्र बंद रहता न तो यहां स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की गतिविधियां संचालित हैं।


चार-पांच गांव को मिलकर 2 स्वास्थ्य कार्यकर्ता
चार-पांच गांव को मिलाकर एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ महिला सहित दो की पदस्थापना थी। लगभग एक साल पहले महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को निलंबित कर दिया गया था, इसके बाद महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की पोस्टिंग नहीं हुई है। इससे गांव की महिलाएं अपनी पीड़ा बताने में काफी असहज महसूस करतीं हैं।

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rampravesh vishwakarma Desk
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