शिक्षक ने दी धमकी, बोला- देखता हूं तू कैसे पास होता है? फिर छात्र से जबरन करवा लिया हस्ताक्षर- सुनें Audio

शिक्षक द्वारा अनुशासन के नाम पर 8 बच्चों का स्कूल में मुंडन कराने का मामला, जांच शुरु हुई तो खुद लिखे आवेदन पर करवाया हस्ताक्षर

By: rampravesh vishwakarma

Updated: 13 Mar 2018, 01:20 PM IST

जरही. सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम अनरोखा के मिडिल स्कूल में एक शिक्षक द्वारा 8 विद्यार्थियों को अनुशासित करने के नाम पर उनके बाल ही उतरवा दिए गए थे। इस मामले के उजागर होने के बाद स्कूल प्रबंधन व शिक्षा विभाग लीपापोती में जुट गया है।

जांच टीम ने जो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है, उसमें बताया गया है कि विद्यार्थियों ने स्वेच्छा से बाल कटवाए थे, जबकि हकीकत ये है कि स्कूल प्रबंधन ने पीडि़तों पर दबाव बनाकर उनसे अपने मुताबिक बनाए गए आवेदन में हस्ताक्षर कराकर जांचकर्ता संकुल प्रभारी को सौंप दिया। एक पीडि़त की रिकॉर्डिंग भी पत्रिका के हाथ में लगी है जिसमें उसने उस पर मामले के लिए दबाव बनाने तथा बाल कटवाने वाले शिक्षक पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि भैयाथान विकासखण्ड के अनरोखा ग्राम पंचायत के माध्यमिक शाला में कक्षा सातवीं व आठवीं के 8 छात्रों का वहां के शिक्षक सचिन उपाध्याय द्वारा अनुशासित करने के नाम पर बाल उतरवा देने का मामला सामने आया था। इस मामले के उजागर होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था।

शिक्षा विभाग व स्कूल प्रबंधन शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए मामले को दबाने में लग गए हैं। डीईओ द्वारा भेजे गए जांचकर्ता संकुल प्रभारी द्वारा शिक्षक को क्लीन चिट दे दी गई है। जांच प्रतिवेदन में बताया गया है कि छात्रों ने स्वेच्छा से बाल कटवाए थे। जबकि हकीकत ये है कि शिक्षक ने ही जबरन बाल उतरवाए थे।

हस्ताक्षर करने बनाया दबाव, फेल करने की धमकी
पत्रिका के हाथ एक पीडि़त की बातचीत की रिकॉर्डिंग लगी है। इसमें उसने बताया है कि स्कूल प्रबंधन ने अपने मन मुताबिक बनाए गए आवेदन में उस पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवा लिया। जब वह आवेदन पढऩे लगा तो उसे फटकार लगाते हुए जल्दी हस्ताक्षर करने को कहा गया। वहीं पीडि़त ने बताया कि बाल उतरवाने वाले शिक्षक ने उसे धमकी देते हुए कहा कि तुम ज्यादा राजनीति कर रहे हो, देखता हूं, परीक्षा में कैसे पास होते हो।

अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीडि़तों पर किस तरह दबाव बनाकर झूठी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई। यहीं नहीं पीडि़तों के परिजन ने मामले की लिखित शिकायत भी थाने में की थी, लेकिन इसको भी रफा-दफा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले को दबाने राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा है।


स्वेच्छा से उतरवाए थे बाल
जांच प्रतिवेदन के अनुसार छात्रों ने स्वेच्छा से बाल उतरवाए थे। अगर पीडि़त जांच से संतुष्ट नहीं हैं, तो आवेदन दें, दोबारा जांच कराएंगे।
राजेश सिंह, डीईओ

करेंगे ऑफिसर कार्यालयों का घेराव
अगर पीडि़तों के साथ न्याय नहीं हुआ और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बीईओ, डीईओ और कलक्टोरेट कार्यालय का घेराव करेंगे।
अभिषेक श्रीवास्तव, जकांछ(युवा), जिलाध्यक्ष

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