हाथियों के मूवमेंट से बढ़ा ग्रामीणों में ख़ौफ़, वन अमला बैठा है बेफिक्र

हाथियों के मूवमेंट से बढ़ा ग्रामीणों में ख़ौफ़, वन अमला बैठा है बेफिक्र

Bhupesh Tripathi | Publish: Jun, 12 2019 08:28:26 PM (IST) Surajpur, Surajpur, Chhattisgarh, India

* पिछले चार दिन से हाथियों का दल शहर से महज 5 किमी दूर बांसा के जंगल में डटा हुआ है

* हाथी व मानव के बीच बढ़ रहे द्वंद को रोकने के लिए वन विभाग ने पिछले वर्ष करोड़ों रुपए का सोलर मोबाइल फेसिंग यूनिट खरीदा था

अंबिकापुर। पिछले चार दिनों से हाथियों का दल शहर के समीप ही डटा हुआ है। रेडियो कॉलर से मिल रहे लोकेशन के अनुसार हाथियों का यह दल वहीं पर मूवमेंट कर वापस लौट जा रहा है। जैसे ही उसे आगे बढऩे का मौका मिलेगा चारा के जुगाड़ में शहर की तरफ भी बढ़ सकता है। लेकिन इससे वन विभाग के आला अधिकारी बेफिक्र नजर आ रहे हैं। यहां तक कि सीसीएफ भी बेफिक्र नजर आ रहे हैं।

पिछले चार दिन से हाथियों का दल शहर से महज 5 किमी दूर बांसा के जंगल में डटा हुआ है, हाथियों को रोकने के लिए अभी तक वन विभाग द्वारा महज एक आरक्षक को ही लगाया गया है। यहां न तो हाथी बचाव दल और न ही अधिकारियों का दल सक्रिय नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का यह पुराना ट्रैक है। लेकिन काफी दिनों से हाथी इधर से आना-जाना नहीं कर रहे थे। इसकी वजह से जनहानि नहीं हो रही थी। लेकिन एक बार फिर से हाथियों की मूवमेंट हो रही है। इसके बावजूद वन अमला पूरी तरह से बेफिक्र नजर आ रहा है। अभी तक हाथियों को शहर की तरफ से बढऩे के लिए कोई विशेष पहल विभाग द्वारा नहीं की गई है।

 

सोलर मोबाइल फेसिंग यूनिट का पता नहीं : हाथी व मानव के बीच बढ़ रहे द्वंद को रोकने के लिए वन विभाग ने पिछले वर्ष करोड़ों रुपए का सोलर मोबाइल फेसिंग यूनिट खरीदा था। इससे कुछ हद तक लाभ भी मिला था। सोलर फेंसिंग की वजह से हाथी बस्ती के अंदर घुस नहीं पा रहे थे। लेकिन फिलहाल पूरी व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रही है। अब हाथियों को लेकर वन अमला उतना चिंतित नजर नहीं आ रहा है। इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को हो सकता है।

शहर की तरफ बढ़ सकता है दल : जिस तरह से हाथी मूवमेंट कर रहे हैं अगर जंगल से बाहर चारे व पानी के जुगाड़ में बाहर निकले तो खैरबार व उसके आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। वन अमले की निष्क्रियता लोगों पर भारी पड़ सकती है।

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