मनपा ने सील किए 19 पैकेज्ड वाटर प्लांट

मनपा की स्वास्थ्य विभाग और शहर विकास विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए पैकेज्ड वाटर के १९ प्लांट सील कर दिए। स्वास्थ्य विभाग ने यहां से...

By: मुकेश शर्मा

Published: 25 Apr 2018, 09:49 PM IST

सूरत।मनपा की स्वास्थ्य विभाग और शहर विकास विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए पैकेज्ड वाटर के १९ प्लांट सील कर दिए। स्वास्थ्य विभाग ने यहां से पानी के सैम्पल भी लिए।गर्मियों की दस्तक के साथ ही शनिवार को पूणा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद मनपा प्रशासन सक्रिय हुआ है। दूषित पानी की आपूर्ति से पूणा में करीब डेढ़ सौ मरीज उलटी-दस्त के शिकार बने थे। जिसके बाद मनपा का पूरा अमला सकते में आ गया था और स्वास्थ्य व हाइड्रोलिक टीम मौके पर पहुंच गई थी।

इस हादसे से सबक लेते हुए मनपा प्रशासन सोमवार को सक्रिय हुआ। स्वास्थ्य और शहरी विकास विभाग की टीमों ने शहरभर में पैकेज्ड वाटर प्लांट्स पर छापेमारी की। स्वास्थ्य विभाग ने जहां पानी के सैम्पल लिए, शहरी विकास विभाग की टीम ने प्लांट्स की वैधता और लाइसेंस की जांच की। बीएसआई के लाइसेंस नहीं मिलने पर १९ प्लांट्स को सील कर दिया गया।

नियोल केबिन के पास प्वॉइन्ट फेल, दो ट्रेन लेट

भेस्तान से चलथान जाने वाली लूप लाइन पर सोमवार तडक़े साढ़े तीन बजे नियोल केबिन के पास प्वॉइन्ट फेल हो जाने से भुसावल से सूरत आने वाली दो ट्रेनें देरी से उधना स्टेशन पहुंची। सूचना मिलने पर स्टेशन मास्टर मौके पर पहुंचे।

उधना-चलथान स्टेशन के बीच दोहरीकरण का कार्य हाल में ही पूरा हुआ है। लेकिन इस रूट पर अभी से प्वॉइन्ट फेल होने की घटनाएं सामने आने लगी हंै। उधना रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर दूर नियोल केबिन के पास सोमवार तडक़े साढ़े तीन बजे भेस्तान से चलथान जाने वाली लुप लाइन के पास प्वॉइन्ट फेल हो गया।

सूचना मिलने पर उधना स्टेशन मास्टर मौके पर पहुंचे। इस दौरान भुसावल-सूरत पैसेंजर 55 मिनट तथा मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस चलथान स्टेशन पर कुछ देर खड़ी रही। वहीं भेस्तान से चलथान की ओर लूप लाइन से जाने वाली मालगाड़ी करीब एक घंटे खड़ी रही। स्टेशन मास्टर ने तडक़े ४.२५ और ५.१५ बजे दो बार अॅथारिटी पेपर देकर गाडिय़ों का परिचालन शुरू किया।

इसके बाद सिग्नल के लोग मौके पर पहुंचे और प्वॉइन्ट को पुट राइट किया। कर्मचारियों ने बताया कि सिग्नल इलेक्ट्रोनिक है, लेकिन सप्लाई नहीं मिलने से वह काम नहीं कर रहा था। इसके बाद मैन्युअली ट्रेनों को चलाने का निर्णय किया गया।

मुकेश शर्मा Reporting
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