कोरोना काल में दक्षिण गुजरात के 30812 शिक्षकों ने 14.18 लाख विद्यार्थियों को दी ऑनलाइन शिक्षा

- आर्थिक और सामाजिक उतार चढ़ाव के बीच प्रतिदिन 4 ऑनलाइन कक्षा और ऑनलाइन प्रवृति कर निभाया शिक्षा धर्म

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 14 Sep 2021, 02:12 PM IST

सूरत.
भारतीय संस्कृति में शिक्षक को बच्चे के भविष्य को आकार देने वाला शिल्पकार गिनने में आया है। कोरोना काल में जब सभी अपनी जान की चिंता कर रहे थे, तब ऐसे समय में भी शिक्षकों ने अपने शिक्षा धर्म को छोड़ा नही। दक्षिण गुजरात के 30812 शिक्षकों ने ऐसे मुश्किल समय में भी 14 .18 लाख विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारने का प्रयास जारी रखा।
कोरोना संक्रमण के साथ दुनिया भर में लॉक डाउन की शुरुआत हो गई। ऐसे में सभी अपनी जान की फिकर करने लगे। विधियार्थिओ। के भविष्य की चिंता सभी को सताने लगी। बच्चों के भविष्य पर किसी तरह का असर ना हो इसलिए ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की गई। दक्षिण गुजरात के बात की जाए तो यहा 3361 स्कूलों में 30812 शिक्षकों ने 14.18 लाख विद्यार्थियों को 314 दिन ऑनलाइन शिक्षा देकर शिक्षा की लो को जलाए रखा। प्रति दिन 4 ऑनलाइन वर्गो के साथ ऑनलाइन प्रवृति के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ते रहे।
शिक्षा के प्रति रुचि कम न होने के प्रयास जारी रखे
एक बार पढ़ाई छूट जाने पर दोबारा पढ़ना मुश्किल हो जाता है। कोरोना में सभी को डर था की बच्चों की रुचि पढ़ाई में काम ना हो जाए। इसलिए शिक्षकों ने लगातार विद्यार्थियों को पढ़ाया। शिक्षकों ने बच्चों और अभिभावकों को पीडीएफ बनाकर भेजी। विद्यार्थी डिप्रेशन में ना आए इसलिए लगातार फोन से भी उनके संपर्क में रहें। स्कूल में 5 घंटे के काम के सामने शिक्षकों ने घर से विद्यार्थियों के लिए 12 घंटे काम किया। कई शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई में विद्यार्थियों की रुचि बढाने के लिए नए नए तरीके भी अपनाए।
कई के वेतन कटे तो कई को अपनाना पड़ा नया काम
कोरोना में स्कूल फीस को लेकर विवाद हुआ। लोगो को आर्थिक स्थित कमजोर हो गई। इसलिए स्कूलों ने शिक्षकों के वेतन ने कटौती की। कई शिक्षकों को कम से हाथ धोना पड़ा। इसलिए कई शिक्षकों को नया काम तलाशना पड़ा। फिर भी ऐसे स्थिति में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ना जारी रखा।
प्रतिदिन लाखो विद्यार्थी को ऑनलाइन पढ़ाया
कोरोना के समय ऑनलाइन कक्षा शुरू की गई। सूरत में अनुदानित और सरकारी को मिलाकर 25801 शिक्षक कार्यरत है। दक्षिण गुजरात के अन्य जिलों को मिलाकर 44017 शिक्षक कार्यरत है। कोरोना में 30 प्रतिशत शिक्षक बेरोजगार हुए। देखा जाए तो 30812 शिक्षक ने मिलकर डेढ़ साल तक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाया। कोरोना काल में 240 दिन और नए सत्र में 74 दिनों तक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया गया। प्रतिदिन 4 कक्षाओं के हिसाब से शिक्षकों ने शिक्षा की लो को जलाए रखा।

दक्षिण गुजरात ने शिक्षक, स्कूल और विद्यार्थियों की संख्या
मानव संसाधन विकास मंत्रायल के अनुसार सरकारी और निजी स्कूल को मिलाकर सूरत में 25801, भरूच में 5510, नर्मदा में 904, नवसारी में 4091, तापी में 1395, दंग में 314, वलसाड में 6002 को मिलाकर कोरोना कल पहले कुल 44017 शिक्षक कार्यरत थे। सूरत में 8.73 लाख, भरूच में 1.66 लाख, नर्मदा में 26210, नवसारी में 1.26 लाख, तापी में 40257, डांग में 8817, वलसाड में 1.77 लाख को मिलाकर कुल 14.18 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे है। सूरत में 1848 को मिलाकर दक्षिण गुजरात में निजी और अनुदानित 3361 स्कूल कार्यरत है।
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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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