सी टू डी की 34066 सीटों के सामने सिर्फ 2147 विद्यार्थियों ने ही किया प्रवेश

- प्रवेश के पहले राउंड के बाद ही 32000 सीट रिक्त रहने का संकट

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 14 Sep 2021, 01:48 PM IST

सूरत.
सर्टिफिकेट कोर्स में से डिप्लोमा इंग्नियरिंग में प्रवेश का पहला राउंड पूरा कर दिया गया है। सर्टिफिकेट से सीधे डिप्लोमा में प्रवेश की 34066 सीट के सामने मात्र 2147 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। सीधे सीधे प्रवेश के पहले राउंड में ही 32 हजार से अधिक सीट रिक्त हो जाने का खतरा मंडराने लगा है।
10वी के बाद आईटीआई और अन्य सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले विद्यार्थी को सीधे डिप्लोमा इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए सभी कॉलेजों में 10 प्रतिशत सीट को आरक्षित रखा जाता है। इसके अलावा पिछले साल को रिक्त सीटों पर भी प्रवेश दिया जाता है। इस साल राज्य के 31 सरकारी कॉलेज में 8324, 4 अनुदानित कॉलेज में 258, 101 स्वनिर्भर कॉलेज में 25484 सीटों को मिलाकर कुल 34066 सीटों पर प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रवेश की पंजीकरण प्रक्रिया में सिर्फ 3153 विद्यार्थियों ने ही पंजीकरण करवाया। इनमे से 2879 विद्यार्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई। प्रवेश के पहले राउंड में विद्यार्थियों को विभिन्न कॉलेज में प्रवेश दिया गया है। सबसे अधिक मेकेनिकल ब्रांच में 850 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। सिविल की 7922 सीट के सामने मात्र 144 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। इलेक्ट्रिकल में 7056 सीट के सामने 701, कंप्यूटर आईटी की 4591 सीट के सामने 16, केमिकल की 969 सीट के सामने 278, आईसी की 284 सीट के सामने 158 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। जबकि बायो मेडिकल की 314 सीट पर एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। कुल मिलाकर 34088 सीट के सामने सिर्फ 2147 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। प्रवेश के पहले राउंड में ही सीधे 32 हजार से अधिक सीट रिक्त रह जानेका संकट मंडराने लगा है।
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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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