हाईकोर्ट के अनादर का आरोप, थाने पर धरना

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पूणा पुलिस के खिलाफ जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कुछ लोग पूणा थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने की मंजूरी नही

By: मुकेश शर्मा

Published: 11 Sep 2017, 09:26 PM IST

सूरत।हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पूणा पुलिस के खिलाफ जांच नहीं करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कुछ लोग पूणा थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने की मंजूरी नहीं होने के कारण पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पूणागाम क्षेत्र निवासी जनक भालाला के खिलाफ पूणा पुलिस ने पुलिस की धौंस जमाकर रुपए वसूलने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और जमकर पिटाई की। कोर्ट के समक्ष पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाने के बाद उसका न्यू सिविल अस्पताल में तीन दिन उपचार करवाया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। उसने पुलिस पर गलत तरीके से मामला दर्ज करने और पिटाई करने का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त को पूणा पुलिस के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन पुलिस आयुक्त की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने उच्च न्यायालय में पिटीशन दायर कर न्याय के लिए गुहार लगाई।


डेढ़ महीने पहले उच्च न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को आदेश दिया कि मामले की जांच डिप्टी पुलिस आयुक्त से करवाई जाए और यदि आरोप सही है तो आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद पुलिस जांच नहीं कर रही है, यह आरोप लगाते हुए रविवार को जनक अपने साथियों के साथ पूणा थाने के बाहर धरने पर बैठ गया। इसके लिए प्रशासन की मंजूरी नहीं होने के कारण पुलिस ने जनक समेत छह जनों को हिरासत में ले लिया।

बाद में इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। जनक ने बताया कि कापोद्रा थाने के एक पीएसआई पर रिश्वत लेने के आरोप में तथा पूणा समेत अलग-अलग थाना क्षेत्र में अवैध तरीके से चलने वाले शराब तथा जुए के अड्डे को लेकर वह शिकायत करता रहता है। इसी कारण उसके साथ पुलिस इस तरह का बर्ताव कर रही है।

आत्महत्या निवारण पर कार्यक्रम

अठवा लाइंस के एमटीबी आट्र्स कॉलेज के शताब्दी वर्ष के तहत वीएनएसजीयू कन्वेंशन हॉल में रविवार को विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से आत्महत्या निवारण पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नाटक के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया गया। एमटीबी कॉलेज में साइकोलोजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. रुद्रेश व्यास ने बताया कि पेरेंटिंग फोर पीस, जीवन आस्था हेल्पलाइन, वान्द्रेवाला फाउंडेशन, इंडियन साइक्रेटिस सोसायटी ने मिलकर यह आयोजन किया। मनोवैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को तनाव से बचने के उपायों की जानकारी दी।

मुकेश शर्मा Reporting
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