ADHIK MAS: धार्मिक आस्था की इस बार नहीं बहेगी बयार

कोरोना महामारी की वजह से प्रथम आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ हुए अधिक मास में नहीं हो सकेंगे धार्मिक आयोजन

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 20 Sep 2020, 09:47 PM IST

सूरत. पुरुषोत्तम मास के दौरान सूर्यपुत्री तापी नदी की गोद में सिमटी धार्मिक नगरी सूरत में धार्मिक, सामाजिक व आध्यात्मिक कार्यक्रमों की त्रिवेणी का प्रवाह इस बार कोरोना महामारी की वजह से देखने को नहीं मिलेगा। पुरुषोत्तम मास की शुरुआत प्रथम आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शुक्रवार से हो गई।
वर्ष 2018 में ज्येष्ठ मास में आए पुरुषोत्तम मास अर्थात अधिक मास के दौरान शहर में धार्मिक, सामाजिक व आध्यात्मिक कार्यक्रमों की त्रिवेणी बही थी लेकिन, इस बार आश्विन मास में आए अधिक मास के दौरान कोरोना महामारी की वजह से इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं रखा गया है। इस बार अधिक मास श्राद्ध पक्ष व नवरात्र पर्व के मध्य में आने से अब नवरात्र पर्व एक माह के विलम्ब से आएगा और धार्मिक त्योहार-उत्सव के आगमन में भी देरी होगी। ज्योतिष मत से क्षय तिथियों के योग से निर्मित अधिक मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती और इस दौरान मांगलिक कार्यक्रम बाधित रहेंगे। हालांकि अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में दान-धर्म का विशेष महत्व होने से यह क्रम अवश्य बरकरार रहेगा।


नवरात्र पर्व 17 अक्टूबर से


यूं आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्र पर्व प्रारम्भ हो जाता है लेकिन, इस बार अधिक मास आश्विन मास में आने से अब नवरात्र पर्व एक माह बाद 17 अक्टूबर से प्रारम्भ होगा। अधिक मास की वजह से इस बार नवरात्र पर्व के बाद के सभी त्योहार-उत्सव के आगमन में भी 15 से 20 दिन का विलम्ब होगा।

Dinesh Bhardwaj Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned