रुढिग़त ग्राम सभा रोकने पर भडक़े आदिवासी


कांग्रेस विधायक ने दिया धरना, पुलिस और आदिवासियों में बढ़ा विवाद
भाजपा विधायक पर सभा न होने देने का आरोप

By: Sunil Mishra

Published: 25 Nov 2018, 10:13 PM IST


नवसारी. जिले के बामणवेल गांव में शनिवार को रुढिग़त ग्राम सभा का आयोजन रोकने के प्रयास करने पर पुलिस और आदिवासी समाज के साथ घर्षण होने से गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कांग्रेस विधायक अनंत पटेल के पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरने की घोषणा करने से मामला और बिगड़ गया। आखिरकार पुलिस को ही अपने कदम पीछे खींचने पड़े।
जानकारी के अनुसार भीलिस्तान टाइगर सेना और विधायक अनंत पटेल की उपस्थिति में कांग्रेस से जिला पंचायत सदस्य मंजुला पटेल के पति को बामणवेल की रुढिग़त ग्रामसभा में अध्यक्ष चुना जाना था। दूसरी तरफ गांव के शंकर पटेल ने सरपंच व अन्य अग्रणियों के साथ ग्राम सभा का आयोजन कर दिया। इसकी खबर से सतर्क हुई पुलिस शनिवार तडक़े चार बजे गुलाब पटेल और मुकेश पटेल दोनों को हिरासत में लेकर चिखली ले लाई और गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने इसके साथ ही सभा स्थल से साउंड सिस्टम, माइक, स्पीकर समेत अन्य सामान भी जब्त कर लिया। यह भी आरोप है कि लोगों के लिए बन रहे भोजन में पुलिस ने पानी डाल दिया। वहां पहुंचे विधायक अनंत पटेल ने पुलिस अधिकारियों से शांतिपूर्वक रुढिग़त ग्रामसभा आयोजित करने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। मौके पर पहुंचे चिखली तहसीलदार के प्रतिनिधि ने भी इस ग्राम सभा की मंजूरी न होने का पत्र दिखाते हुए सभा न करने की सलाह दी, लेकिन गांव के लोग अड़े रहे।

 

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पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

इसके बाद पुलिस ने लोगों को हिरासत में लेने का प्रयास किया। इससे नाराज विधायक अनंत पटेल शाम तक वहीं धरना देने का ऐलान कर जमीन पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें धरने से उठाने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद आदिवासी महिलाओं ने घेरा बनाकर उनके पास तक पुलिस को नहीं पहुंचने दिया। काफी संघर्ष के बाद भी पुलिस जब ऐसा नहीं कर पाई तो अपने कदम पीछे खींच लिए। महिलाओं ने परंपरागत गीतों व नारेबाजी कर पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में गांव के अग्रणियों के प्रयास से रुढिग़त ग्राम सभा की कार्यवाही शांति से पूरी की गई और ग्राम सभा समिति का गठन भी किया गया। बाद में सभा को विसर्जित कर दिया गया।

 

 

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70 से ज्यादा पुलिस बल तैनात किया गया था
लोगों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में पुलिस रुढिग़त ग्राम सभा को रोकने में जुटी रही। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से वहां पुलिस उपाधीक्षक समेत एलसीबी, एसओजी, चिखली के पीआई, छह से ज्यादा पीएसआई और 70 से ज्यादा पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आंसू गैस, पुलिस बस भी वहां तैनात थी। हालांकि शांतिपूर्ण ढंग से सभा निपट गई।

भाजपा विधायक के खिलाफ नाराजगी
बामणवेल में रुढिग़त ग्राम सभा न होने देने के लिए लोगों ने भाजपा के विधायक नरेश पटेल पर आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि नरेश पटेल द्वारा पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा लोगों ने भाजपा सरकार पर सत्ता के जोर पर आदिवासियों का अधिकार छीनने का आरोप भी लगाया गया।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीने से चिखली, खेरगाम और वांसदा तहसील के कई गांवों में संविधान की पांचवी अनुसूची तथा पैसा एक्ट का हवाला देकर रुढिग़त ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसमें इस सभा की मंजूरी के बिना किसी के गांव में प्रवेश पर रोक, समेत अन्य कई प्रस्ताव पास किए जा रहे हैं। इस सभा में कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति और भाजपा के खिलाफ आदिवासियों की नाराजगी को देखकर भाजपा नेताओं में चिंता का वातावरण है।

Sunil Mishra
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