Dadra Nagar Haveli and Daman-Diu merger; लोकसभा में चर्चा के बाद विलय का रास्ता साफ

दादरा नगर हवेली और दमण-दीव विलय बिल 2019 लोकसभा में पारित

अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा। जहां बिल पास होने बाद इस प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव होगा।


Dadra Nagar Haveli and Daman-Diu merger bill 2019 passed in Lok Sabha

Now this bill will go to Rajya Sabha. After passing the bill, the name of this state will be Dadra Nagar Haveli and Daman-Diu.

By: Sunil Mishra

Updated: 27 Nov 2019, 11:04 PM IST

दमण. दादरा नगर हवेली और दमण-दीव(संघ राज्यक्षेत्र विलयन)बिल 2019 लोकसभा में सर्वसम्मति से पास हो गया है। अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा। जहां बिल पास होने बाद इस प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव होगा। बुधवार सुबह से दमण दीव एवं दानह के लोगों को इस बिल पर चर्चा इंतजार था और शाम करीब पांच बजे यह बिल लोकसभा में आया। दोनों प्रदेशों के सांसदों के साथ केरल,लक्ष्यदीव और पश्चिम बंगाल के सांसदों को इस मु्ददे पर सुनने के बाद लोकसभा स्पीकर ने इस बिल पर वोट करवाया। जहां सर्वसम्मति से सांसदों ने हां बोलकर इस बिल को पास किया है।

संविधान के अनुसार आरक्षण यथावत रहेगा-जी.किशन रेड्डी
केन्द्र गृह राज्यमंत्री जी.किशन रेडडी ने चर्चा के बाद बताया कि कर्मचारियों के आरक्षण एवं व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा। संविधान के आधार पर वैसा ही रहेगा। एसटी सहित अन्य आरक्षण भी संविधान के आधार पर होगा। प्रदेश का नाम दादरा नगर हवेली एवं दमण-दीव होगा। यह प्रस्ताव दोनों संघ प्रदेशों से आया था, वहां के लोगों की मांग थी।

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एक स्वर में बोले सांसद मिनी असेंबली मिले
दमण. संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली, दमण-दीव के विलय को लेकर संसद में पेश बिल पर एक स्वर में संघ प्रदेश के दोनों सांसद मोहन डेलकर एवं सांसद लालूभाई पटेल ने विलय का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने यहां पर मिनी असेंबली की मांग भी दोहराई। दमण-दीव सांसद लालूभाई पटेल ने कहा कि दोनों प्रदेश एक होने से सरकारी खर्च में बचत होगी। बिल में है कि सभी सरकारी अधिकारी पांच दिन के लिए एक ही कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। सांसद ने कहा कि ग्रुप बी और ग्रुप सी के कर्मचारियों के उनके अपने ही संघ प्रदेश में रहने दिया जाए। उनका तबादला नहीं किया जाए। इस प्रदेश के डेली वेजेज के कर्मचारियों को नियमित करना चाहिए। सभी शिक्षित युवाओं को दूसरे प्रदेश में नौकरी नहीं मिलती है इस प्रदेश में ही नौकरी दी जाए। दोनों प्रदेशों में दो सांसदों का प्रावधान किया है उसके लिए सरकार के साथ ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को धन्यवाद दिया। सांसद ने कहा कि दोनों प्रदेश एक होने से उद्योगों की संख्या बढ़ जाएगी। इस क्षेत्र में सभी प्रकार के उद्योग होंगे। दमण में समुद्र, नदी, विस्तार है, उसके लिए विस्तार में परेशानी है। सांसद ने मांग उठाई कि दीव को आईलैंड घोषित किया जाए, दमण को सीआरजेड दो घोषित किया जाए। दमण-दीव में एयरपोर्ट को बढ़ाया जाए। पर्यटन बढ़ाने के लिए केटामरीन बोट शुरू हो। सांसद लालूभाई पटेल ने कहा कि दमण में सरपंचों का अधिकार छीना गया है वह वापस दिया जाए। दमण में शहरी और ग्रामीण में एफएसआई अलग है, ग्रामीण एरिया में बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसदों की भी मांग थी कि पांॅडिचेरी की तरह मिनी एसेंबली दी जाए।

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यह बोले दानह सांसद मोहनभाई डेलकर
लोकसभा में दानह सांसद मोहनभाई डेलकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार दोनों प्रदेशों के उज्ज्वल भविष्य एवं दोनों प्रदेशों के लोगों का भविष्य अच्छा हो, उस दिशा में कदम उठाएगी। सरकार की ओर से जो बिल लाया गया है उसका मैं समर्थन करता हूं। दानह एवं दमण दीव के लोग मधुर संबंध में बंधे हैं। उन्होंने गृहमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों प्रदेशों के लोगों को एक छत के नीचे लाकर,दो घर को एक घर बना दिया है। इससे उसकी ताकत ज्यादा मजबूत होगी। प्रदेश की मुक्ति के बाद से भारत सरकार ने आदिवासियों को आरक्षण देने का काम किया था। लोकसभा की सीट भी आरक्षित सीट है। बिल में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। आदिवासियों को जो आरक्षण मिला है, उसमें बदलाव नहीं हो। दमण-दीव में भी जो सुविधाएं दी है वह बरकरार रहें। उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेश एक हो रहे हैं और क्षेत्रफल और जनसंख्या भी बढ़ गई है। यह प्रदेश 5 हजार करोड़ की रेवेन्यू भारत सरकार को देते हंै। दोनों प्रदेशों की मांग रही है कि इस प्रदेश में पॉंडिचेरी की तर्ज पर विधानसभा का गठन हो। वर्ष 2014 में होम मिनिस्टर स्टेंडिंग कमेटी बनी थी। उसने उस समय इस प्रदेश में दौरा किया था और कमेटी ने राज्यसभा में मिनी एसेंबली की बात रखी थी। दोनों प्रदेशों को भविष्य में मिनी विधानसभा मिलना चाहिए।

अन्य राज्यों के सांसद भी बोले
लोकसभा में केरल, लक्ष्यदीव और पश्चिम बंगाल के सांसदों ने भी दमण-दीव एवं दानह के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी केन्द्र शासित प्रदेश को मिनी एसेंबली देनी चाहिए। सभी सांसदों ने कहा कि इसको शामिल करने की आवश्यकता क्या है। दोनों प्रदेश जैसे हैं वैसे ही ठीक हैं। छोटा प्रदेश होगा तो विकास अच्छा होगा।

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