सात साल बाद वीएनएसजीयू के आर्किटेक्चर विभाग में बढ़ी सीटें

- लापरवाही से काट गई थी आर्किटेक्चर की 90 सीटें, सुविधा के अभाव में काउंसिल ऑफ आर्किटेक्टचर ने वीएनएसजीयू को दी थी नोटिस

By: Divyesh Kumar Sondarva

Updated: 14 Sep 2021, 01:56 PM IST

सूरत.
दक्षिण गुजरात समेत गुजरात के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। इस साल वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर विभाग में 80 सीटों पर प्रवेश होंगे। साथ पहले विभाग और वीएनएसजीयू की लापरवाही के कारण काउंसिल ऑफ आर्किटेचर ने 90 सीटें काट ली थी। लगातार तीन साल वीएनएसजीयू की सीटें कटती ही रही। 120 में से सिर्फ 30 सीटों पर ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाने लगा।
वीएनएसजीयू में संचालित गीजू छगन पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर की सीटें जब से शुरू हुआ उसके बाद उसकी सीट लगातार तीन साल तक कटती ही रही। शैक्षणिक सत्र 2013-14 में विश्वविद्यालय ने 120 सीटों के साथ विभाग की शुरुआत की थी। सीओए द्वारा 2014-15 में 40 सीटें कम कर देने से 80 सीटों पर प्रवेश दिया गया। शैक्षणिक सत्र 2015-16 में 40 और सीटें काट ली गईं। उस साल 40 सीटों पर प्रवेश दिया गया था। शैक्षणिक सत्र 2016-17 में सीओए ने 10 और सीटें कम कर दीं। सीटें काटने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस भेजा गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नोटिस को अनदेखा कर दिया। नतीजा यह रहा कि सीओए ने 10 सीटें और काट लीं। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 30 सीटों पर प्रवेश दिया गया। सीटें कट जाने पर हंगामा हुुआ तो प्रशासन ने आने वाले साल में सीटें वापस हासिल करने का आश्वासन देकर मामला शांत किया था। साथ ही, सीएओ की सभी शर्तें पूर्ण करने का वादा भी किया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो पाया।
शर्तों के पालन में विफल:
विश्वविद्यालय चार साल में सीएओ की शर्तों का पालन करने में विफल रहा है। शैक्षणिक सत्र 2013-14 में 120 सीटों के साथ विभाग शुरू हुआ था। तब सीओए ने प्राध्यापक और स्टूडियो की सुविधाओं की शर्त पर राज्य में सर्वाधिक सीटें वीएनएसजीयू को दी थीं। तब वीएनएसजीयू का विभाग सीटों के मामले में प्रथम स्थान पर था। चार साल से आर्किटेक्चर विभाग की हालत बिगड़ रही है। विश्वविद्यालय ने 2018-19 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले 30 सीटों से अधिक की मंजूरी लेने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हो पाया। इस साल भी वीएनएसजीयू को मात्र 30 सीटों पर ही संतोष करना होगा। इसके बाद लगातार 30 सीटों पर हो प्रवेश होते रहे। इस शैक्षिणक सत्र ने पुनः 80 सीटों पर प्रवेश होने की घोषणा की गई है। सीटें मंजूर होने से पहले सीओए की ओर से विभाग की जांच की गई थी। इसके बाद अन्य सीट मंजूर हुई है। प्रवेश का मॉक राउंड शुरू होने से पहले 80 सीटों पर प्रवेश देने की घोषणा की गई है।
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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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