स्पेशल ट्रेनों में कन्फर्म टिकट दिलवाने वाले एजेंट सक्रिय, एक पकड़ा

- कतारगाम में मारा छापा, कोई ई टिकट नहीं मिलने से कार्रवाई पर सवाल

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 07 Sep 2020, 10:03 PM IST

सूरत.

कोरोना की रोकथाम के लिए भले ही नियमित ट्रेनों का संचालन बंद है, लेकिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में ई टिकट की कालाबाजारी करने वाले एजेंट बड़ी संख्या में सक्रिय हैं। यह अनाधिकृत एजेंट राजधानी और नॉन एसी स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलवाने के लिए मोटी रकम वसूल रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल ने कतारगाम क्षेत्र में कार्रवाई कर एक ई-टिकट एजेंट को पकड़ा है, लेकिन उसके पास से कोई टिकट बरामद नहीं हुई।

ट्रेनों की संख्या सीमित होने के कारण यात्रियों को कन्फर्म टिकट लेने में काफी मुश्किल हो रही है। इसका फायदा शहर के ई टिकट एजेंट उठा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सूरत से गांव के प्रवासी श्रमिक अब बड़ी संख्या में लौट रहे हैं, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण लोग परेशान हैं। ऐसे में ई टिकट एजेंट अलग-अलग सॉफ्टवेयर का उपयोग करके रेलवे ई टिकट बुकिंग में सेंध लगा रहे हैं।
दूसरी तरफ, पांच माह से खाली बैठे रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी भी टिकट एजेंटों पर कार्रवाई करने से बचते दिखाई दे रहे हैं। खानापूर्ति के लिए रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा मुम्बई या दिल्ली से मिले संदिग्ध पीएनआर की जांच करके रिपोर्ट कार्यालय को भेज दी जाती हैं।

हाल में रेलवे सुरक्षा बल की क्राइम ब्रांच और लोकल पोस्ट के अधिकारियों ने अलग-अलग जगह कार्रवाई की जिसमें तीन जने पकड़े जाने की जानकारी मिली है। यह लोग सॉफ्टवेयर की मदद से टिकटों की बुकिंग करते थे। गौरतलब है कि, 22 मार्च से अब तक नियमित ट्रेनों का परिचालन बंद है। हाल में ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है और आरक्षित सीटों की संख्या कम। मजबूरी में यात्री ईटिकट एजेंटों का सम्पर्क कर रहे हैं। गत पांच माह से रेलवे सुरक्षा बल द्वारा टिकट एजेंटों के खिलाफ नहीं के बराबर कार्रवाई की गई है।

एजेंट पकड़ा, 56 टिकट मिले, मूल्य नहीं पता

रेलवे सुरक्षा बल क्राइम ब्रांच के एएसआई भीमसिंह शेखावत, कांस्टेबल मुकेश सिंह और थाने के एएसआइ गजेन्द्र सिंह, कांस्टेबल मुकेश चौधरी ने शनिवार को कतारगाम फुलपाडा हिम्मतनगर निवासी सुरेश चन्द्र मंगीलाल जैन (45) के यहां छापे की कार्रवाई की थी। उसके पास से यात्रा किए हुए 56 ई टिकट बरामद हुए। लेकिन यह कार्रवाई भी आधी-अधुरी रही। इस कार्रवआई में कितने रुपए के ई टिकट पकड़े गए उसकी जानकारी नहीं दी गई है। एजेंट के पास से एक मोबाइल और चार निजी आइडी बरामद हुए थे। वह आइआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट था। लेकिन मुम्बई से डिटेल आने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई की गई हैं। यह इ टिकट एजेंट वरिष्ठ नागरिक कोटे में टिकट बुक करता था।

वराछा में तीन जने हुए थे गिरफ्तार

ट्रेनों में सीनियर सिटीजन कोटा में फर्जी टिकट बनाकर यात्रियों को लूटने वाले तीन ई टिकट एजेंट कुछ दिन पहले ही वराछा पुलिस थाने में पकड़े गए हैं। इसमें सरथाणा श्याम विला सोसायटी निवासी भावेश, भाई अंकित और कामरेज विनायक सोसायटी निवासी विक्रम राठौड़ शामिल हैं। इन इ टिकट एजेंटों ने 30-35 वर्ष के व्यक्तियों को भी सीनियर सिटीजन कोटे में कन्फर्म टिकट देकर टिकट दर से अधिक रुपए वसूल किए थे। यह पुरा खेल वराछा लम्बे हनुमान रोड राधे टै्रवल्स के ऑफिस से चलता था जिसकी सूरत स्टेशन से दूरी बहुत कम हैं।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned