ट्रॉमा सेंटर से एक और कोरोना पॉजिटिव फरार

- अर्बन हेल्थ सेंटर पर एक दिन पहले रिपोर्ट निगेटिव और अगले दिन पॉजिटिव आने से भडक़े परिजन

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 06 Apr 2021, 10:07 PM IST

सूरत.

शहर में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर है। इसके बावजूद लोग महामारी की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। न्यू सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार सुबह एक मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद परिजनों ने रिपोर्ट को ही झूठा करार कर दिया और डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया। डॉक्टर मरीज को कोविड-19 हॉस्पिटल में शिफ्ट करते उससे पहले ही मरीज और उसके परिजन ट्रॉमा सेंटर से फरार हो गए।
शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे के साथ मृत्युआंक बढ़ रहा है। लेकिन अब भी कुछ लोग बीमारी की गंभीरता से अनजान है और जागरुकता के अभाव में गलतियां कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, चौकबाजार रामपुरा वरियाली बाजार फुलवाडी निवासी निशार अहमद पठान (66) की तबीयत एक-दो दिन से खराब थी। परिजन उनको सोमवार सुबह न्यू सिविल अस्पताल लेकर आए। नॉन एमएलसी डॉक्टर ने निशार की जांच की और संदेह होने पर कोरोना टेस्ट करवाया। इसमें निशार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि निशार की हालत गंभीर है। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शरीर में ऑक्सीजन लेवल भी कम होकर 52 पर पहुंच गया है। इतना सुनते ही परिजन गुस्सा हो गए। परिजनों ने कहा कि एक दिन पहले ही अर्बन हेल्थ सेंटर (यूएचसी) में कोरोना टेस्ट करवाया था। इसमें रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एक दिन बाद सिविल में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव कैसे आ सकती है? परिजनों ने डॉक्टर पर ही गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाते हुए अभद्र व्यवहार किया। डॉक्टर ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मरीज को कोविड-19 हॉस्पिटल में शिफ्ट करते उससे पहले ही निशार और उसके परिजन ट्रॉमा सेंटर से फरार हो गए। डॉक्टर ने घटना की जानकारी खटोदरा पुलिस चौकी को दी। खटोदरा पुलिस ने चौक बाजार पुलिस को मरीज की जानकारी देकर निवास के पते पर जांच के लिए कहा है।

एक अप्रेल को गर्भवती पॉजिटिव भाग गई थी

गौरतलब है कि न्यू सिविल अस्पताल के गायनेक विभाग से एक अप्रेल को गर्भवती महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिजन उसे लेकर घर चले गए थे। पांडेसरा पुलिस ने लक्ष्मीनगर क्षेत्र में महिला की तलाश की थी लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली थी।

सिविल के रिपोर्ट पर भरोसा नहीं

शहर में कोरोना संक्रमण के साथ इससे जुड़ी अलग-अलग तरह की अफवाहें भी तेजी से फैल रही है। मार्च में कोरोना बढऩे के बाद भी निवासियों को महामारी की गंभीरता समझ नहीं आ रही। सिविल में कोरोना जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव और दूसरे किसी सेंटर पर रिपोर्ट निगेटिव आने से लोगों में असमंजस की स्थिति हो गई है। कोरोना मरीज बढ़ाने के पीछे सरकार का कोई खेल या साजिश होने की बात कहने से भी शहरवासी पीछे नहीं रहते।

कोरोना मरीज का आइसोलेशन जरूरी

न्यू सिविल अस्पताल में मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिजनों ने डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया और मरीज को लेकर घर चले गए। कई बार नमूने लेने और जांचने में रिपोर्ट निगेटिव आ सकती है। लेकिन महामारी के सीजन में किसी भी संदिग्ध या पॉजिटिव को खुला नहीं छोड़ सकते। जो मरीज अस्पताल से गया उसके शरीर का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था और उसे भर्ती करने की जरूरत थी।

- डॉ. उमेश चौधरी, सीएमओ, न्यू सिविल अस्पताल, सूरत।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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