क्या लॉकडाउन के अगले चरण की तरफ जा रहे हम?

बारिश के दौरान सामने आने वाले दूसरे संक्रामक रोगों के साथ ही कोरोना का घालमेल सूरत समेत देशभर में हैल्थ स्ट्रक्चर का लेने जा रहा इम्तिहान

By: विनीत शर्मा

Published: 14 Jun 2020, 05:10 PM IST

विनीत शर्मा

सूरत. अनलॉक 1.0 ने अब तक अर्थतंत्र को जितनी गति नहीं दी, उससे ज्यादा का नुकसान होने लगा है। कोरोना संक्रमण की चेन नहीं टूट रही और प्रशासन को इस पर काबू पाने के लिए नए सिरे से नीतियां तय करनी पड़ रही हैं। सूरत ही नहीं यह स्थित कमोबेश पूरे देश में हैं, जहां अनलॉक 1.0 के बाद कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। मेडिकल एक्सपट्र्स पहले ही चेता चुके हैं कि बारिश के दौरान कोरोना संक्रमण बेकाबू हो जाएगा। लोगों ने लापरवाही बरती और घरों से बाहर आना-जाना किया तो हर दूसरा व्यक्ति कोरोना का कैरियर बन जाएगा। यह स्थिति बनी तो कोरोना संक्रमण का घर-घर पहुंचना तय है, जिसके बाद अमरीका बनते देर नहीं लगेगी। संकेत पढ़े जाएं तो सूरत में बीते दस दिनों में स्थितियां इसी ओर इशारा कर रही हैं। बारिश के दौरान सामने आने वाले दूसरे संक्रामक रोगों के साथ ही कोरोना का घालमेल सूरत समेत देशभर में हैल्थ स्ट्रक्चर का इम्तिहान लेने जा रहा है।

बीते कुछ दिनों से जिस तरह हीरा कारखानों से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जोर पकड़ा है, मनपा आयुक्त साफ कर चुके हैं कि रिव्यू के बाद सिलसिलेवार हीरा कारखानों को दोबारा सील करने की कार्रवाई की जाएगी। यह रिव्यू सूरत समेत गुजरात और देशभर में हो रहा है। हर स्तर पर स्थितियों का आंकलन किया जा रहा है। स्थितियां बिगड़ती देख राजस्थान सरकार पहले ही गुजरात और दिल्ली समेत अन्य राज्यों से जुड़ी सीमाओं को सील कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक गुजरात सरकार भी लॉकडाउन को फिर लागू करने और इस बार ज्यादा सख्ती से अमल करने का मन बना चुकी है। अनलॉक 1.0 के बाद जिस तरह से स्थितियां और बिगड़ी हैं, इस मसले को लेकर केंद्र के साथ हुई बातचीत में गुजरात सरकार ज्यादा कड़े लॉकडाउन के समर्थन में अपना पक्ष रख चुकी है। इससे पहले राज्य सरकार ने प्रदेश के महानगर पालिका प्रशासन से भी उनकी राय जानी थी।

जानकारों के मुताबिक सूरत समेत प्रदेश की अन्य महानगर पालिकाओं ने भी गुजरात सरकार के फैसले से सहमति जताई है। सूरत समेत विभिन्न अन्य जिलों में जिला प्रशासन ने भी मानसून के जोर पकडऩे से पहले कड़े लॉकडाउन को सुरक्षित भविष्य के लिए जरूरी बताया है। ऐसे में संकेत साफ हैं कि हम एक बार फिर और ज्यादा कड़े लॉकडाउन की ओर बढ़ रहे हैं। मेडिकल सेवाओं से जुड़े लोग भी मानसूनी रोगों के सक्रिय होने से पहले कड़े लॉकडाउन की सिफारिश कर रहे हैं। सरकारी मशीनरी से जुड़े लोगों की मानें तो आगामी दिनों में किसी भी वक्त इसका ऐलान हो सकता है।

विनीत शर्मा Reporting
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