article 370; ‘सदियों से हमने न शास्त्र पढ़े न शस्त्र संवारे’

article 370; ‘सदियों से हमने न शास्त्र पढ़े न शस्त्र संवारे’
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Vineet Sharma | Updated: 16 Sep 2019, 10:32:32 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

article 370; पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ बोले- देश में गद्दारों की जड़ें बहुत गहरी। अनुच्छेद 370 अस्थाई व्यवस्था, 70 साल तक देश में लागू रहने के पीछे सत्ता और व्यवस्था का ऐसा गठजोड़ था, जिसमें राजनेता, प्रशासक, न्याय पालिका व पत्रकारों का एक बड़ा वर्ग भागीदार था।

वापी. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पूर्व महासचिव पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि सदियों से हमने न शास्त्र पढ़े हैं और न शस्त्र ही संवारे हैं। देश में गद्दारों की जड़ें बहुत गहरी हैं। अनुच्छेद 370 पर उन्होंने कहा कि इस अस्थाई व्यवस्था के 70 साल तक देश में लागू रहने के पीछे सत्ता और व्यवस्था का एक ऐसा गठजोड़ था, जिसमें राजनेता, प्रशासक, न्याय पालिका व पत्रकारों का एक बड़ा वर्ग भागीदार था।

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पुष्पेंद्र भारतीय विचार मंच व वापी विचार मंच की ओर से वापी के वीआईए ऑडिटोरियम में ‘अनुच्छेद 370/35 ए हटने के बाद की स्थिति व भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों’ विषय पर रविवार को आयोजित विचार गोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 और 35 ए की आड़ में उन लोगों ने देश को जी भर कर लूटा है और आज पूरी तरह बेरोजगार हो गये हैं। हुरियत कांफ्रेंस के पीछे अमरीका व पाकिस्तानी गठजोड़ का हाथ बताते हुए कहा कि हमारी सरकारें अमरीका की पिट्ठू थीं, इसलिए इन पर होने वाला सालाना सौ करोड़ रुपए का बोझ ढोती रहीं। केंद्र सरकार के इस निर्णय से आंतकवाद का फन कुचलने में कामयाबी मिलेगी।

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साथ ही उन्होंने कहा कि इससे यह नहीं समझना चाहिये कि इतनी आसानी से सब ठीक हो जायेगा। इस पर पूरी दुनिया और देश के अंदर के लोगों की प्रतिक्रिया बताती है कि देश में गद्दारो की जड़ें कितनी गहरी हैं। इसलिए सत्ता में राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों की मौजूदगी लंबे समय तक सुनिश्चित करना जरूरी है। पिछले सैकड़ों वर्षो में हमने शास्त्र पढ़े और न शस्त्रों को संवारा। इसका हश्र यह हुआ कि दुनिया को सभ्यता व ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाला राष्ट्र गुलाम और दीन-हीन बन गया।

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उन्होंने कहा कि समाज अपनी परम्पराओं से चलता है। राष्ट्रप्रेम व समाज गौरव का पाठ पढ़ाने वाली परम्परा जिंदा रहनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान पहले ही सिंध, पंजाब और बलूचिस्तान तीन भागों में सांस्कृतिक रूप से बंट चुका है। वह ज्यादा दिन तक एक नहीं रह पाएगा। हमें उधर से उतना खतरा नही है, जितना हमारे देश में पनप रहे गद्दारों से है।

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इससे पहले कुलश्रेष्ठ ने भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया। जिला संयोजक अनिल गोयल ने स्वागत भाषण में कार्यक्रम का उद्देश्य सामने रखा। इस अवसर पर सांसद डॉ. के सी पटेल, लालू भाई पटेल, प्रभु वसावा, विधायक कनु देसाई, जगदीश महंत समेत अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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