GCTOC ACT : अशरफ नागौरी गिरोह पर भी गुजसीटोक लगाया

हरेन पंड्या हत्याकांड व तोगडिय़ा की हत्या साजिश से चर्चा आया था.. - मामला दर्ज कर सूरत पुलिस ने गिरोह के तीन को पकड़ा - शहर के सात थानों में दर्ज हो चुके हैं एक दर्जन गंभीर मामले

Discussion came from Haren Pandya massacre and Togadia's murder plot .. Surat police arrested three gangs by registering a case of gctoc 2015 - A dozen serious cases have been registered in seven police stations of the surat

By: Dinesh M Trivedi

Published: 13 Jan 2021, 10:53 AM IST

सूरत. आतंकवाद व संगठित अपराध की रोकथाम के लिए बने गुजरात आतंकवाद एवं संगठित अपराध निवारण अधिनियम (जीसीटीओसी)-2015 का तीसरी बार प्रयोग करते हुए सूरत पुलिस ने एक और माफिया अशरफ नागौरी गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।


शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया कि 2013 से सूरत शहर में सक्रिय है और शहर की शांति व्यवस्था के
लिए खतरा है। इस गिरोह ने संगठित रूप से आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हुए अपराध को ही आजीविका का जरिया बना रखा है। गिरोह ने चौक बाजार व लालगेट के अलावा अठवालाइन्स, कतारगाम, सलाबतपुरा, उमरा व उधना क्षेत्रों में अपना आपराधिक नेटवर्क बना रखा है।

इन थाना क्षेत्रों में गिरोह के खिलाफ मारपीट, उपद्रव, हत्या का प्रयास, हत्या, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश रचने व अवैध रूप से हथियार रखने के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। नागौरी गिरोह विशेषतौर से शहर में हथियारों का उपयोग करने के लिए कुख्यात है। यह गिरोह अहमदाबाद में भाजपा नेता हरेन पंड्या की हत्या और विहिप नेता प्रवीण तोगडिय़ा की हत्या की साजिश रचने के मामलों में भी चर्चित रहा है।

हालांकि शहर पुलिस आयुक्त तोमर ने इन दोनों मामलों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं की। उन्होंने जिन मामलों के साक्ष्य उपलब्ध हैं, उन्ही के आधार पर गिरोह के खिलाफ लालगेट थाने में गुजसीटोक-2015 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरोह के तीन सदस्यों आरिफ नागौरी, वसीम कुरैशी व अब्दुल मलबारी को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अन्य लोगों को भी हिरासत में लेने की कवायद चल रही है।

नागौरी गिरोह के गुर्गों पर दर्ज कई मामले :

गिरोह के मुख्य सूत्रधार रामपुरा पस्तागिया शेरी निवासी मोहम्मद अशरफ नागौरी के खिलाफ एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गिरोह में शामिल मोहम्मद आरिफ नागौरी के खिलाफ दो, रामपुरा नूरी मोहल्ला निवासी मोहम्मद फिरोज अंसारी उर्फ गजनी के खिलाफ दो, बड़े खां चकला ढिंगली फलिया निवासी वसीम कुरैशी के खिलाफ दो, नानपुरा सुमैया मंजिल निवासी अब्दुल समद शेख उर्फ मलबारी के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गिरोह के सभी सदस्यों के खिलाफ समय समय पर तड़ीपार व पासा के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।

शहर में सक्रिय तीसरा माफिया गिरोह :

प्रदेश में जीसीटीओसी लागू होने के बाद से सूरत शहर में इसका तीसरी बार प्रयोग किया है। इससे पहले कुख्यात ‘टामेटा गैंग’ के खिलाफ जीसीटीओसी के तहत कार्रवाई की गई थी। टामेटा गैंग के बाद क्राइम ब्रांच द्वारा संगठित अपराध में लिप्त लालू जालिम गिरोह पर कार्रवाई की गई थी। सूत्रों का कहना हैं कि पुलिस की कार्रवाई के चलते शहर के कई माफिया गिरोहों के सरगना व सदस्य छुपते फिर रहे हैं।

कई बड़े प्रकरणों की वजह से चर्चित :

भाजपा नेता हरेन पंड्या की हत्या में भी अशरफ नागौरी चर्चा में आया था। हत्यारों की आपूर्ति को लेकर पुलिस ने जांच की थी। 2013 में विहिप नेता प्रवीण तोगडिय़ा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने मध्यप्रदेश से लाई गई 11 पिस्तौल के साथ नागौरी व उसके साथियों को पकड़ा था। गत वर्ष मेहताब भैया पर फायरिंग की थी।

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Dinesh M Trivedi Reporting
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