अगस्त क्रांति राजधानी के टीटीइ को दिए गए एचएचटी डिवाइस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस के टिकट चेकिंग स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस उपलब्ध कराए हैं।

By: मुकेश शर्मा

Published: 18 Dec 2018, 11:31 PM IST

सूरत।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस के टिकट चेकिंग स्टाफ को हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस उपलब्ध कराए हैं।


पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर ने बताया कि टेबलेट के रूप में हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस की शुरुआत 18 दिसम्बर से अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस में की गई। इसके माध्यम से टिकट चेकिंग स्टाफ को खाली बर्थ को आरएसी एवं वेटिंग लिस्ट यात्रियों को देने में तथा सर्वर को सीट या बर्थ की उपलब्धता की अद्यतन जानकारी भेजने में मदद मिलेगी।

जैसे ही ट्रेन अपने ओरिजनेटिंग स्टेशन से छूटती है, टीटीइ इसे चैक करेगा तथा कोई भी बर्थ या सीट खाली पाए जाने पर उसके स्टेटस को एचएचटी डिवाइस पर अपडेट करेगा। यह एचएचटी डिवाइस जीपीआरएस के माध्यम से पीआरएस को रियल टाइम सूचना भेजेगी, जिससे आने वाले अगले स्टेशनों के वेटिंग लिस्ट यात्रियों को खाली बर्थ अलॉट कर दी जाएगी। यह डिवाइस एक पेपरलेस वर्किंग है, जिसमें चार्ट प्रिंट करने की आवश्यकता नहीं होती है। जल्द ही इस डिवाइस को पश्चिम रेलवे की अन्य ट्रेनों में भी शुरू किया जाएगा।

एलएलएम के छात्रोंं को गुजराती भाषा में प्रश्नपत्र देने की मांग

प्रति छह माह एलएलएम में परीक्षा आयोजित करने के लिए कुलपति को ज्ञापन

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के एलएलएम पाठ्यक्रम के नियमों में बदलाव करने की मांग की गई है। सिंडीकेट सदस्य ने विद्यार्थियों को गुजराती में प्रश्नपत्र देने की मांग के साथ कुलपति को ज्ञापन सौंपा है।

विश्वविद्यालय में बुधवार को लॉ संकाय की बैठक होनी है।बैठक में लॉ पाठ्यक्रमों के नियमों पर चर्चा होगी। बैठक में कई अन्य मामलों को मुख्य एजेन्डा में जोडऩे की सिंडीकेट सदस्य भावेश रबारी ने मांग की है। एलएलएम करने वाले विद्यार्थियों को अंग्रेजी में ही प्रश्नपत्र दिया जाता है। जिन्हें अंग्रेजी भाषा में दिक्कत होती है वह गुजराती में उत्तर लिख सकते हैं।

हालांकि यह सुविधा विद्यार्थियों को दी जा रही है, लेकिन कई विद्यार्थियों को अंग्रेजी में प्रश्नपत्र समझने में परेशानी होती है। इसलिए मांग की गई है कि विद्यार्थियों को अंग्रेजी के साथ गुजराती में भी प्रश्नपत्र दिया जाए। एलएलएम के एक विषय में फेल होने पर भी विद्यार्थियों को सभी विषयों की परीक्षा देनी पड़ती है, जो विषय में फेल हुए उसकी ही परीक्षा लिए जाने की मांग की गई है। एलएलबी में छह माह बाद परीक्षा होती है, वैसे एलएलएम भी यह नियम लागू किया जाए। लॉ संकाय की बैठक के एजेन्डा में इन प्रस्तावों को शामिल करने के लिए कुलपति को मंगलवार को ज्ञापन सौंपा गया है।

मुकेश शर्मा Reporting
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