कमजोर परिणाम वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज

कमजोर परिणाम वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज
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Shankar Sharma | Publish: Jun, 11 2016 11:12:00 PM (IST) Surat, Gujarat, India

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 30 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी

सूरत. गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 30 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी। शिक्षा विभाग ने  ऐसे स्कूलों के अनुदान में कटौती तथा संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय किया है। बोर्ड परीक्षा में दक्षिण गुजरात के 179 स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से भी कम रहा है।

गुजरात बोर्ड ने मार्च में 10वीं और 12वीं सामान्य वर्ग व विज्ञान वर्ग की परीक्षा ली थी, जिसका परिणाम मई में जारी हुआ। इस परीक्षा में बोर्ड ने 30 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों की संख्या भी जारी की थी। शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों पर कार्रवाई करने के साथ ही स्कूल के अनुदान में कटौती करने का आदेश दिया है। राज्यभर में 10वीं और 12वीं के सैकड़ों स्कूलों का परिणाम 30 प्रतिशत से भी कम रहा है।

अनुदान में कटौती होने से प्राचार्य, शिक्षक और स्कूल के अन्य कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ेगा। स्कूल के कर्मचारियों को सबक सिखाने के उद्देश्य से यह निर्णय किया गया है। दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, भरुच, वलसाड, तापी, नर्मदा, डांग, दमण और दादरानगर हवेली जिले में भी 30 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूल हैं। इन सभी पर कार्रवाई होगी। साथ ही परिणाम कम आने के कारणों की भी जांच की जाएगी। विभाग ऐसे कई स्कूलों को बंद तक कर सकता है।

सूरत जिले की स्थिति
सूरत जिले के 15 स्कूलों का परिणाम 10वीं में 30 प्रतिशत से कम आया है। सूरत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने बोर्ड से कम परिणाम वाले स्कूलों के नाम मंगवाए हैं। इनमें कई स्कूल ऐसे भी हंै जो पिछले साल भी 30 प्रतिशत से कम परिणाम लाए थे। इसमें 12वीं वाले स्कूल भी शामिल हैं। इन्हें नोटिस दिया जाएगा और बंद भी करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

नर्मदा जिले के 14 स्कूलों का परिणाम 10 प्रतिशत से भी कम
बोर्ड से जारी कम परिणाम वाले स्कूलों की सूची में नर्मदा जिले के 14 स्कूलों का परिणाम 10 प्रतिशत से भी कम रहा है। इसके अलावा भरुच के 2, डांग के 2, नवसारी के 3, सूरत के 5 और दादरानगर हवेली के 1 स्कूल का परिणाम 10 प्रतिशत से कम आया है। वहीं नर्मदा जिले के 14, भरुच के 8, डांग के 4, नवसारी के 3, सूरत के 4, तापी और दादरानगर हवेली के एक-एक स्कूल का परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। यह सभी 10वीं बोर्ड वाले स्कूल हैं। 12वीं सामान्य वर्ग और विज्ञान वर्ग के स्कूलों पर भी कार्रवाई होगी।

ज्यादातर स्कूलों में रिपीटर विद्यार्थी
कम परिणाम वाले स्कूलों में ज्यादातर रिपीटर विद्यार्थी थे। इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए 2,36,534 रिपीटर विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया। इनमें से 2,29,499 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे और मात्र 47,188 ही उत्तीर्ण हुए। रिपीटर विद्यार्थियों का परिणाम मात्र 20.56 प्रतिशत ही रहा है। सामान्य वर्ग में इस बार 95,063 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 92,561 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और सिर्फ 31,130 ही परीक्षा पास कर सके। रिपीटर विद्यार्थियों का परिणाम सिर्फ 33.63 प्रतिशत ही आया। 12वीं विज्ञान प्रवाह में इस बार 10 प्रतिशत से भी कम परिणाम वाले स्कूलों की संख्या 28 रही है।
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