भावेश्री दावड़ा तीन दिन के पुलिस रिमांड पर

लाजपोर सैन्ट्रल जेल व बैंक के साथ ९ लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला

By: Sandip Kumar N Pateel

Published: 20 Jul 2018, 09:12 PM IST

सूरत. लाजपोर सैन्ट्रल जेल व नवसारी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ नौ लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में सीआईडी क्राइम की सूरत यूनीट ने गुरुवार रात अहवा पुलिस से भावेश्री को हिरासत में लेने के बाद शुक्रवार शाम अदालत में पेश किया।

 

सीआईडी ने कोर्ट से पूरे मामले की पूछताछ व इस प्रकरण में लिप्त अन्य लोगों के बारे में पूछताछ के लिए भावेश्री के पांच दिन के रिमांड की मांग की। जिस पर विचार कर कोर्ट भावेश्री को तीन दिन तक हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले की जांच कर रहे सीआईडी के उप निरीक्षक एम.एस.सरवैया ने बताया कि इस मामले में भावेश्री के साथी व उसके पति मास्टर माइंड अंकीत मेहता को भी हिरासत में लेने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। दोनों ने नियोजित साजिश के तहत लाजपोर सैन्ट्रल जेल व नवसारी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ जालसाजी की थी। भावेश्री अपने तीन साल पूर्व एनजीओ के मार्फत जेल प्रशासन से संपर्क किया और जेल में कैदियों के लिए कल्याण कार्य करने के बहाने लाजपोर जेल में प्रवेश की अनुमती हासिल की थी। फिर उसने फर्जी पहचान देकर अंकीत को लाजपोर जेल के तत्कालीन अधीक्षक से मिलवाया था। अंकीत ने अपनी कथित कंपनी एम.के.फूड्ज यूनीवर्सल ग्रुप के नाम से जेल प्रशासन के साथ एक एमओयू साइन किया था। जिसमें उसने जेल में कैदियों द्वारा खाद्य पदार्थ तैयार करवा कर उनकी कंपनी के जरिए मार्केटिंग का प्रस्ताव रखा था। लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं किया।

 

उन्होंने जेल प्रशासन के साथ किए गए एमओयू का उपयोग कर नवसारी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की फुव्वारा शाखा से नौ लाख रुपए का लोन लिया था। उन्होंने बताया कि एमओयू व लोन से जुड़े दस्तावेज जेल व बैंक से हासिल कर लिए गए है। उनके बारे में भावेश्री से पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बंटी-बबली भावेश्री ने डांग जिला प्रशासन को भी चूना लगाया था। उन्होंने अपने एनजीओ के जरिए सीएसआर के तहत २५ करोड़ रुपए डांग में जिले में निवेश करने के बहाने जिला कलेक्टर को भरोसे में लेकर कार्यालय में जगह हासिल की थी। उसके बाद किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत पौधे व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन के बहाने ५००-५०० रुपए लेकर धोखाधड़ी की थी।

Sandip Kumar N Pateel Reporting
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