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भाजपा पार्षद नैंसी सुमरा गिरफ्तार

बिल्डर से ७५ हजार रुपए की रिश्वत मांगने का मामला
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सूरत

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Dinesh M Trivedi

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Updated: 8 Sep 2018, 1:19 PM IST

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भाजपा पार्षद नैंसी सुमरा गिरफ्तार

सूरत. निर्माण कार्य में दखल नहीं करने के एवज में एक बिल्डर से ७५ हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पिता और भाई के बाद शुक्रवार को भाजपा पार्षद नैंसी सुमरा को गिरफ्तार कर लिया है।


एसीबी सूत्रों का कहना है कि रिश्वत मांगने के मामले में मोहन सुमरा एवं उसके पुत्र प्रिंस उर्फ विक्की के साथ नैंसी भी शामिल थी। जांच में नैंसी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। मोहन और प्रिंस रिश्वत मांगने के लिए नैंसी के ही मोबाइल फोन का उपयोग करते थे। प्रिंस पीडि़त व्यक्तियों से बातचीत के दौरान खुद को नैंसी का पीए (निजी सहायक) बताता था।

नैंसी को भी इस बारे में पूरी जानकारी थी कि उसके पिता एवं भाई रिश्वत वसूलते हैं, फिर भी उसने इस संबंध में कुछ नहीं किया। उसके भाई को ५५ हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई।

शुक्रवार को वह एसीबी कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुई। एसीबी अधिकारियों ने घंटे भर की पूछताछ में उसकी लिप्तता सामने आने पर दोपहर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को एसीबी नैंसी को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।


यह था मामला


मोहन सुमरा ने एक बिल्डर से निर्माण कार्य में दखल नहीं करने के एवज में ७५ हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। वार्ड नम्बर ११ में दो स्थानों पर निर्माण कार्य करवा रहे बिल्डर को फोन कर गत २१ अगस्त को सुबह उसने मिलने बुलाया था। उससे २० हजार रुपए तो उसी वक्त ले लिए थे। शेष ५५ हजार रुपए शाम तक देने को कहा था।

इस संबंध में बिल्डर के मित्र की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जाल बिछाया था और सैयरपुरा वाव शेरी में स्कूटर पर रुपए लेने के लिए आए नैंसी के भाई प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया था। एसीबी ने मोहन के घर पर भी दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला।

एसीबी ने २२ अगस्त को प्रिंस को अदालत में पेश कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। वहीं, मोहन और नैंसी एसीबी की पूछताछ से बचने के लिए गायब हो गए थे। एसीबी के शिकंजा कसने पर २७ अगस्त को मोहन ने सरेंडर कर दिया था, लेकिन नैंसी गायब थी।