BJP GUJARAT NEWS: 'कृषि हित व किसान केंद्र सरकार की प्राथमिकताÓ

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने विपक्ष पर लगाए किसानों को बरगलाने का आरोप

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 16 Dec 2020, 08:35 PM IST

सूरत. किसानों के नाम आंदोलन चलाकर कांग्रेस, लेफ्ट व विपक्षी दल लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई केंद्र सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। यह आंदोलन किसानों का नहीं बल्कि अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं राजनीतिक दलों का है। इस आंदोलन में खालिस्तान के झंडे व समर्थन से स्पष्ट है कि इन राजनीतिक दलों का कनेक्शन देशविरोधी तत्वों से है। यह बात बुधवार सुबह सूरत के भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कही।
वार्ता में पाटिल ने बताया कि किसान आंदोलन में केवल पंजाब के ही किसान शामिल है, यह बात कुछ अटपटी सी है जबकि पंजाब के किसानों से अधिक कृषि उत्पादन उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश के किसानों का है। कृषि उपज को देखें तो पंजाब में जहां सालाना 30 लाख टन तो राजस्थान में 23 लाख टन, मध्यप्रदेश में 33 लाख टन व उत्तरप्रदेश में 55 लाख टन है, फिर भी इन राज्यों में किसान कृषि बिल के विरोध में आंदोलन नहीं कर रहे हैं। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया एफसीआई अभी तक किसानों को बिचौलियों के माध्यम से कृषि उपज का भुगतान करती थी और इस तरह के लेन-देन पर बिचौलियों को ढाई प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस कृषि बिल से उन्हें मिलने वाला ढाई प्रतिशत कमीशन बंद हो जाएगा और यहीं वजह है कि यह आंदोलन किसानों का नहीं बल्कि बिचौलियों का आंदोलन है। यह बिचौलिए किसानों को एमएसपी की 30 फीसदी रकम ही देकर लम्बे समय से पंजाब के किसानों का शोषण कर रहे हैं।
केंद्र सरकार के नए कृषि बिल के फायदे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने बताया कि मात्र तीन महीने में महाराष्ट्र में सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों ने अपनी फसल एपीएमसी के बाहर बेची और दस करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया है। प्रदेश महामंत्री भरतसिंह परमार ने बताया कि किसान आंदोलन के नाम पर देशभर के किसानों को गुमराह करने की विपक्ष की कोशिश को नाकाम करने के लिए भाजपा की ओर से प्रदेशभर में दस किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। दक्षिण गुजरात के पार्टी प्रवक्ता हर्ष संघवी ने बताया कि पहला किसान सम्मेलन गुरुवार को बारडोली में आयोजित किया जाएगा। पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद दर्शना जरदोष, विधायक झंखना पटेल, मुकेश पटेल, कांति बलर, अरविंद राणा, विवेक पटेल, शहर अध्यक्ष निरंजन झांझमेरा, महामंत्री किशोर बिंदल, ललित वेकरिया, मुकेश दलाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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