ब्रेनडेड व्यक्ति के फेफड़े कोलकाता में कोरोना संक्रमित मरीज में ट्रांसप्लांट, छह जनों को मिले अंग

- कोविड की दूसरी लहर के बाद 21 दिन में पांचवा अंगदान..

- वडोदरा और अहमदाबाद निवासी तीन जनों में किडनी व लीवर का हुआ ट्रांसप्लांट

By: Sanjeev Kumar Singh

Updated: 22 Sep 2021, 10:26 PM IST

सूरत.

अडाजन निवासी एक व्यक्ति के ब्रेनडेड होने के बाद परिवार ने अंगदान का निर्णय किया। जिससे छह जनों को नया जीवन मिला। दान में मिले फेफड़े कोलकाता में मेडिका सुपर स्पेश्यिलिटी अस्पताल में 46 वर्षीय व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया गया। उनके फेफड़े कोरोना के कारण खराब हो गए थे और पिछले 103 दिनों से एकमो मशीन सपोर्ट पर थे। जबकि किडनी और लीवर का ट्रांसप्लांट वडोदरा और अहमदाबाद के तीन व्यक्तियों में किया गया है।

अडाजन पुजा रो हाउस निवासी मनीष प्रवीणचन्द्र शाह (53) भटार में मनीष टैक्सटाइल नाम से एम्ब्रॉयडरी यूनिट चलाते थे। मनीष 16 सितम्बर को सिर और बाए हाथ में दर्द की तकलीफ के साथ युनाइटेड ग्रीन अस्पताल में भर्ती हुए थे। एंजियोग्राफी में हृदय के बाएं तरफ की एक नस ब्लॉक होने का पता चला। डॉ. धवल शाह ने एंजियोप्लास्टी की। इसके बाद सिटी स्कैन में ब्रेन हैमरेज होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर दिमाग से रक्त की गांठ दूर की, किंतु 19 सितम्बर को उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया गया। फिर डोनेट लाइफ प्रमुख निलेश मांडलेवाला ने मनीष परिवार को अंगदान के बारे में समझाया। परिवार से सहमति मिलने के बाद स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (एसओटीटीओ) डॉ. प्रांजल मोदी से सम्पर्क किया और फेफड़े, किडनी और लीवर दान की जानकारी दी। एसओटीटीओ ने किडनी और लीवर अहमदाबाद के इंस्टिट्यूट ऑफ किडनी डिजिज एंड रिसर्च सेंटर (आइकेडीआरसी) को तथा एनओटीटीओ ने फेफड़े कोलकाता के मेडीका अस्पताल के मरीज में ट्रांसप्लांट के लिए दिए।

मनीष के फेफड़े कोलकाता निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किए गए हैं। उनके फेफड़े कोरोना से खराब हो गए थे। वहीं, अहमदाबाद आइकेडीआरसी में एक किडनी वडोदरा निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति, दूसरी किडनी अहमदाबाद के ही 39 वर्षीय व्यक्ति और लीवर वडोदरा निवासी 21 वर्षीय व्यक्ति में ट्रांसप्लांट किया गया है। शहर में डोनेट लाइफ ने कोरोना की दूसरी लहर के बाद 21 दिन में 5वीं बार अंगदान करवा 25 लोगों को नया जीवन दिया।

फेफड़े और लीवर पहुंचाने के लिए दो ग्रीन कॉरिडोर

डोनेट लाइफ ने बताया कि सूरत से फेफड़े और लीवर को समय से दो अलग-अलग शहरों में पहुंचाने के लिए दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए थे। इसमें अस्पताल से सूरत एयरपोर्ट से कोलकाता फेफड़े ले जाने के लिए पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। वहीं, सूरत से अहमदाबाद जाने के लिए सडक़ मार्ग पर किडनी और लीवर ले जाने के लिए दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। इसमें सूरत समेत अलग-अलग शहरों के पुलिस जवानों ने कार्य किया।

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Sanjeev Kumar Singh Reporting
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