रिश्वतखोरों के बिचौलिए भी अब रडार पर

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और लोगों में जागरुकता से घूसखोरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो आए दिन किसी सरकारी...

By: मुकेश शर्मा

Published: 20 Jul 2018, 11:15 PM IST

सूरत।भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और लोगों में जागरुकता से घूसखोरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो आए दिन किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को घूस लेते पकड़ रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सीधे रिश्वत लेने के बजाए बिचौलियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है तो ऐसे बिचौलिए भी ब्यूरो की कार्रवाई में बच नहीं पाते। अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत की मांग के बाद रुपए लेने बिचौलियों को भेजते हैं। जनवरी से जून-२०१८ तक ब्यूरो की ओर से की गई कार्रवाई से यह तथ्य उभरकर सामने आया। ब्यूरो की ओर से जून तक राज्य में 81 मामले दर्ज कर 152 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 48 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के मुताबिक बीते पांच साल से ब्यूरो निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहा है। इन पांच साल में रिश्वत के अलग-अलग मामलों में अब तक 315 निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

बूटलेगर से रिश्वत लेने दूसरे को भेजा

डिंडोली पुलिस के कर्मी ने शराब पकडऩे के बाद मामला रफा-दफा करने के लिए बूटलेगर से रिश्वत की मांग की। रिश्वत लेने के लिए खुद जाने के बदले पुलिसकर्मी ने एक निजी व्यक्ति को भेजा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उस व्यक्ति को बूटलेगर से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। इस व्यक्ति और पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

महिला पार्षद के बदले बिचौलिया धरा गया

अवैध निर्माण को मंजूरी दिलाने के लिए गोड़ादरा की महिला पार्षद और उसके पति ने एक स्कूल संचालक से पांच लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। रुपए लेने तथा बातचीत के लिए उन्होंने हितेश वाघमशी नाम के व्यक्ति को रखा था। शिकायत मिलने पर ब्यूरो ने जाल बिछाया और महिला पार्षद की ओर से निजी व्यक्ति घूस की रकम स्वीकारते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने इस व्यक्ति समेत तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

जीएसटी अफसर के लिए काम कर रहा था सीए

घोड़दौड़ रोड के एक सीए को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जीएसटी अफसर के लिए रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा। एक फर्म संचालक के यहां जांच में अनियमितता पाए जाने पर जीएसटी अफसर ने कार्रवाई नहीं करने के बजाए सीए के जरिए 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की, लेकिन फर्म संचालक ने इसकी शिकायत ब्यूरो को कर दी और सीए रिश्वत लेते धरा गया। ब्यूरो ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

सीए और आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल्स भी बिचौलिए

ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर मामलों में सरकारी अफसर और कर्मचारियों के लिए सीए, आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल्स बिचौलिए की भूमिका निभाते हैं। यह लोग अपने क्लाइंट्स को डराते हैं और समझौता करवाने के बहाने अधिकारियों की ओर से रिश्वत की मांग कर रिश्वत के रुपए खुद लेकर अधिकारी तक पहुंचाते हैं।

संदीप पाटील

मुकेश शर्मा Reporting
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