डॉ. संकेत की तबीयत सुधारी, फेफड़े ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं

- चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में चिकित्सकों के इलाज से तबीयत में सुधार

- एकमो मशीन से हटाकर इलाज जारी

By: Sanjeev Kumar Singh

Updated: 24 Sep 2020, 10:53 PM IST

सूरत.

अडाजन स्वामी प्रमुख अस्पताल के कोरोना वॉरियर्स एनेस्थेसिया डॉ. संकेत मेहता के चेन्नई एमजीएम अस्पताल शिफ्ट होने के दस दिन बाद अच्छी खबर आई है। उन्हें एकमो मशीन से हटा दिया गया है। उनके फेफड़े 40 से 50 फिसदी काम कर रहे हैं। हाथ-पैर की हलन-चलन के लिए फिजियोथैरेपी की मदद ली जा रही है। एमजीएम के चिकित्सकों ने कहा कि सुधार हो रहा है और अब फेफड़े ट्रांसप्लांट की जरूरत नहीं है।

सूरत के बाप्स अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए डॉ. संकेत कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर हो गई और 22 दिन तक एकमो मशीन पर उपचार दिया गया था। सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उनको फेफड़े ट्रांसप्लांट के लिए चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में एयर एम्बुलेंस से शिफ्ट किया था। सूरत एनेस्थेसिया एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. जयेश ठकराल ने बुधवार को बताया कि डॉ. संकेत को चेन्नई शिफ्ट करने के दस दिन बाद अच्छी खबर आई है। क्लीनिकल डायरेक्टर और पल्मोलॉजिस्ट डॉ. अपार जिंदल, डॉ. सुरेश राव, डॉ. के. आर. बालाकृष्णन मिलकर डॉ. संकेत का इलाज कर रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. संकेत को जब चेन्नई शिफ्ट किया गया था, तब उनके फेफड़े कड़े हो गए थे। जिससे ऑक्सीजन का शुद्धिकरण प्रक्रिया सही से नहीं हो रही थी। स्नायु में कमजोरी आ गई थी। वह सिर्फ अपनी हाथ-पैर की अंगुलियों को ही हिला सकते थे।

इलाज के दौरान उनमें सुधार आया। 22 सितम्बर, सोमवार को जांच के बाद उनको एकमो मशीन से हटाने का निर्णय किया गया। इस दौरान उनके फेफड़े मात्र 40 प्रतिशत ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ 100 प्रतिशत ऑक्सीजन सेचुरेशन को पूरा कर रहे थे। डॉ. जयेश ने बताया कि अभी चार सप्ताह तक उनका इलाज चेन्नई के अस्पताल में किया जाएगा। हाल में उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned