Black marketing of tocilizumab : पंकज ने बीएचएमएस डॉक्टर से लिया था इंजेक्शन, डॉक्टर की पड़ताल

- टॉसिलीजुमैब इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला
- डॉ. हेतल को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
# नकली सेनेटाइजर बनाने वाले दो आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
- 70 फीसदी मिथाइल की मिलावट करते थे

By: Dinesh M Trivedi

Published: 15 May 2021, 11:36 AM IST

सूरत. टॉसिलीजुमैब इंजेक्शन की कालाबाजारी की जांच में जुटी उमरा पुलिस ने शुक्रवार को इस रैकेट की सूत्रधार डॉक्टर हेतल को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं इस मामले में गुरुवार को पकड़े गए पंकज रामाणी को पुलिस ने कोविड टेस्ट के बाद गिरफ्तार कर लिया।
परवत पाटिया के अमृतम अस्पताल में ऑक्सीजन बॉटलिंग का काम देखने वाले पंकज रामाणी ने पुलिस को बताया कि उसने इंजेक्शन परवत पाटिया क्षेत्र के होम्योपैथी डॉक्टर शैलेष वाला के पास से लिया था। पुलिस शैलेष वाला की पड़ताल में जुट गई है। गौरतलब हैं कि पुलिस ने अमरोली श्री गणेश रेजिडेंसी निवासी रसिक कथीरीया, अठवागेट स्थित ट्रॉई अस्पताल में काम करने वाली उसकी पुत्री डॉक्टर हेतल कथीरीया व निजी अस्पताल के कर्मचारी व्रजेश मेहता को गिरफ्तार कर कालाबाजारी के इस नेटवर्क का भंडा फोड़ किया था।
सभी आरोपी मिलकर इंजेक्शन की कालाबाजारी का नेटवर्क चला रहे थे। डॉ. हेतल मरीजों के प्रिस्क्रिफ्शन तैयार करती थी। इनका उपयोग कर व्रजेश मेडिकल स्टोर संचालक मंयक की मदद से इंजेक्शन हासिल करता था। फिर वे जरुरतमंदों को 40 हजार रुपए का इंजेक्शन मुंह मांगे दामों पर बेचते थे। इसके अलावा हेतल ने एक और इंजेक्शन विजय कुंभाणी से हासिल कर पीपलोद के कोरोना मरीज के परिजन को दिलवाया था। इंजेक्शन लगाने के बाद भी पीडि़त की मौत हो गई थी। विजय के पकड़े जाने के बाद पंकज का नाम सामने आया था।
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नकली सेनेटाइजर बनाने वाले दो आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
- 70 फीसदी मिथाइल की मिलावट करते थे


सूरत. कोरोना महामारी के दौर में मुनाफाखोरी के लिए आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर नकली सेनेटाइजर तैयार करने के आरोप में पकड़े गए दो जनों को अमरोली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
अमरोली पुलिस के मुताबिक अश्वनी कुमार रोड़ गोकुलधाम अपार्टमेंट निवासी जिगर भालाणा व पुणागाम अंजनी सोसायटी निवासी नरेश डाभी मिल कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे थे। दोनों अमरोली मोटा वराछा दुखिया ना दरबार रोड स्थित रंगवाड़ी फॉर्म हाउस में एक गोदाम किराए पर लेकर बड़े पैमाने पर नकली सेनेटाइजर व हैंड रब तैयार कर रहे थे। इसमें अवैध रूप से 70 फीसदी मिथाइल के मिश्रण से गलत पद्धति से हैंड सेनेटाइजर व हैंड रब तैयार किया जा रहा था। पांच-पांच लीटर पैक में तैयार किया गया सेनेटाइजर थोक में बेचते थे।
सूचना मिलने पर पुलिस ने शनिवार को छापा मार कर 1200 लीटर मिथाइल, 900 लीटर तैयार किया हुआ नकली सेनेटाइजर व हैंड रब, सेनेटाइजर व रब तैयार करने की सामग्री जब्त की थी। इनकी फॉरेंसिक जांच के बाद दोनों के खिलाफ अमरोली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, कोर्ट ने उन्हें 17 मई तक पुलिस अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया है।

Dinesh M Trivedi Reporting
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