स्टेशन पर बैग स्कैनर से जांच सिर्फ खानापूर्ति

स्टेशन पर बैग स्कैनर से जांच सिर्फ खानापूर्ति

Sanjeev Kumar Singh | Updated: 20 Dec 2018, 10:07:59 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

प्रवेश के आठ से अधिक प्वॉइंट, सिर्फ एक जगह व्यवस्था

आधुनिक उपकरणों और सीसीटीवी कैमरों की मांग अब तक नहीं हुई पूरी

सूरत.

सूरत स्टेशन पर लगाए गए बैग स्कैनर से यात्रियों के सामान की जांच नहीं के बराबर हो रही है। स्टेशन पर प्रतिदिन 60 से 70 हजार यात्री आते-जाते हैं, लेकिन बैग स्कैनर से 800 से एक हजार यात्रियों के सामान की जांच हो रही है। रेल अधिकारियों का कहना है कि पांच और स्कैनर लगाने की आवश्यकता है।

 


सूरत स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए काफी समय से बैग स्कैनर समेत आधुनिक उपकरणों की मांग की जा रही है, लेकिन रेलवे की ओर से जो व्यवस्था की गई है, वह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर 8 अक्टूबर को रेलवे पुलिस चौकी तथा रेलवे सुरक्षा बल की हेल्प डेस्क के नजदीक एक बैग स्कैनर मशीन लगाई गई थी। इस मशीन से प्रतिदिन 800 से एक हजार बैग की जांच हो रही है। अब तक इससे 61 हजार 866 बैग की जांच की गई।

 

यह मशीन मुम्बई की न्यूटेक कंपनी ने लगाई है। इसकी लम्बाई 22 फीट, ऊंचाई आठ फीट और चौड़ाई चार फीट है। बैग स्कैनर पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान तीन शिफ्ट में सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक, दोपहर तीन से रात 11 बजे तक और रात 11 बजे से सुबह सात बजे तक तैनात रहते है। बैग स्कैनर से महत्वपूर्ण गाडिय़ों के आगमन पर ही यात्रियों के सामान की जांच की जाती है। सूरत स्टेशन पर प्रतिदिन 60 से 70 हजार यात्री आते हैं। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर प्रवेश के चार अधिकृत रास्ते हैं लेकिन स्कैनर सिर्फ एक प्रवेश द्वार को कवर करता है।

 

वहां भी खानापूर्ति के लिए कुछ यात्रियों के सामान को स्कैनर से निकाल कर जांच कर ली जाती है। प्लेटफॉर्म संख्या दो-तीन और चार पर जाने के लिए भी चार-पांच रास्ते हैं। इन रास्तों पर यात्रियों के सामान या संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए विभिन्न मांगें मुम्बई रेल मंडल को भेजी हैं, लेकिन अब तक इन पर विचार नहीं हुआ है।


आधुनिक उपकरणों का टोटा

रेलवे सुरक्षा बल के पास हैंड मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉयड के अलावा यात्रियों के सामान की जांच के लिए दूसरा आधुनिक उपकरण नहीं है। रेल मंत्रालय ने सितम्बर में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एयरपोर्ट की तर्ज पर प्रमुख स्टेशनों पर बैग स्कैनर लगाने के निर्देश दिए थे। पश्चिम रेलवे के मुम्बई रेल मंडल में पांच बैग स्कैनर लगाने का ठेका न्यूटेक कंपनी को दिया गया।

 

मुम्बई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, चर्चगेट और बोरीवली स्टेशन पर एक-एक बैग स्कैनर लगा गया। सूरत स्टेशन को भी एक बैग स्कैनर मिला है। एंट्री प्वॉइंट अधिक होने से कुछ यात्रियों के सामान की ही जांच हो रही है। स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर डोर नहीं है। मेटल डिटेक्टर लिए जवान और डॉग स्क्वॉयड कभी-कभार स्टेशन परिसर या प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते हैं।

 

 

एंट्री प्वॉइंट ज्यादा

सूरत स्टेशन में प्रवेश के अधिकृत तौर पर आठ रास्ते हैं, लेकिन पूर्व और पश्चिम की ओर से पूरा स्टेशन परिसर खुला होने के कारण कोई भी स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकता है। स्टेशन पर बीकानेर एक्सप्रेस के यात्री पर हुई फायरिंग की घटना में आरोपी सुमुल डेयरी रोड पर टूटी दीवार के रास्ते से प्रवेश कर उसी रास्ते से भागे थे। जहां बैग स्कैनर लगाया गया है, उसके अलावा कई ऐसे एंट्री प्वॉइंट हैं, जहां से संदिग्ध लोगों का आना-जाना होता है। एयरपोर्ट की तर्ज पर सूरत स्टेशन के यात्रियों के सामान की जांच एक बैग स्कैनर से मुमकिन नहीं है।

 

 

सीसीटीवी थर्ड क्लास

सूरत स्टेशन पर पचास से अधिक सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने के लिए चार-पांच महीने पहले ज्वॉइंट रिपोर्ट मुम्बई रेल मंडल कार्यालय को भेजी गई थी। सूरत स्टेशन मैनेजर, सिग्नल, पावर तथा रेलवे सुरक्षा बल ने अलग-अलग प्वॉइंट चिन्हित कर पूरे स्टेशन को कवर करने के हिसाब से योजना बनाई है।

 

चार-पांच महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी कैमरों का प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम रेलवे जोन स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का ठेका दिया जाएगा। इस समय स्टेशन पर लगे कैमरों की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। किसी भी घटना की जांच में आरोपी, यात्री आदि का चेहरा पहचानना मुश्किल होता है।

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