कम मतदान ने बढ़ाई प्रत्याशियों की चिंता

भरुच जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को हुए प्रथम चरण के मतदान फीसदी कम होने से पिछली बार जीत हासिल कर चुके व वर्तमान में फिर से चुनावी मैदा

By: मुकेश शर्मा

Published: 11 Dec 2017, 09:25 PM IST

भरुच।भरुच जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को हुए प्रथम चरण के मतदान फीसदी कम होने से पिछली बार जीत हासिल कर चुके व वर्तमान में फिर से चुनावी मैदान में खड़े प्रत्याशियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है। इसके अलावा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र माने जाने वाली वागरा विधानसभा सीट पर हुए भारी मतदान ने भी भाजपा प्रत्याशी के सामने चिंता खड़ी कर दी है। जिले की जंबूसर विधानसभा सीट पर बागी के कारण भी भाजपा की नाव लडख़ड़ाती नजर आ रही है। मतदान फीसदी कम होने से जीत व हार का अनुमान लगाने में फिलहाल प्रत्याशी व्यस्त चल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार जीत व हार का अंतर काफी कम हो सकता है।

भरुच जिले की पांच विधानसभा सीटों पर हुए मतदान पर नजर डाले तो वर्ष २०१२ में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार भरुच विधानसभा सीट पर 5.67 फीसदी मतदान कम दर्ज किया गया। इस बार भरुच सीट पर कुल 67.13 प्रतिशत ही मतदान दर्ज किया गया।

आदिवासी बाहुल्य झगडिय़ा विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रतिशत में मामूली कमी दर्ज की गई। इस बार यहां कुल 81.08 फीसदी मतदान हुआ जो पिछले विस चुनाव की तुलना में 0.71 प्रतिशत कम रहा। इसके साथ ही साथ अंकलेश्वर, जंबूसर में भी मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई। वहीं कम मतदान ने प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है। नर्मदा जिले की दोनों विधानसभा सीट की बात करें तो यहां पर इस बार के चुनाव में देडियापाडा सीट पर 4.75 फीसदी मतदान कम हुआ। देडियापाडा से सटी नांदोद विस सीट पर 4.08 प्रतिशत कम मतदान दर्ज किया गया जो प्रत्याशियों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।

देडियापाडा विधानसभा सीट पर बागी प्रत्याशी वोट में कितनी सेंध मारता है यह चुनाव परिणाम पर असर पड़ेगा। नांदोद में भी हुआ कम मतदान भाजपा की राह को आसान बनाता नहीं दिख रहा है। वागरा विस सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है। यहां ज्यादा मतदान ने भाजपा प्रत्याशी को चिंता में डाल दिया है।

दलित-ओबीसी व पाटीदार फैक्टर निर्णायक

चुनाव में दोनों जिलों की सातों विधानसभा सीटों में सिर्फ चार सीटों पर दलित-ओबीसी व पाटीदार फैक्टर असर डाल सकता है। पाटीदार क्षेत्र में हुए ज्यादा मतदान भी प्रत्याशियों को अपनी रणनीति का आंकलन करने में मुश्किल में डाल रहा है। भरुच सीट पर ओबीसी मतदाताओं का झुकाव भी जीत की राह प्रत्याशी के लिए आसान करेगा।

प्रथम चरण के मतदान

गुजरात विधानसभा चुनाव-२०१७ के प्रथम चरण मतदान में आदिवासी बाहुल्य नर्मदा जिले ने प्रदेश में मतदान प्रतिशत में बाजी मारी। देडियापाड़ा विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 84.63 प्रतिशत मतदान हुआ जो प्रदेश की 89 विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा रहा। प्रथम चरण के चुनाव में देडियापाडा सीट पर सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। देडियापाड़ा सीट हुए चुनाव में 83085 पुरुष व 78004 महिला मतदाताओं सहित 163650 लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। यहां पर कुल 84.63 प्रतिशत मतदान हुआ जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।

मुकेश शर्मा Reporting
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