गर्मी की छुट्टियों के लिए कन्फर्म टिकट मिलना अभी से मुश्किल

मई की बुकिंग के लिए रिजर्वेशन सेंटर के बाहर कतार, यूपी-बिहार की ट्रेनों में लम्बी वेटिंग

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 03 Jan 2019, 10:04 PM IST

सूरत.

गर्मी की छुट्टियां चार महीने दूर हैं, लेकिन तब के लिए कई ट्रेनों में अभी से कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। उत्तरप्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों के द्वितीय श्रेणी शयनयान और तृतीय एसी वातानुकूलित श्रेणियों में लम्बी वेटिंग चल रही है। सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस, सूरत-छपरा ताप्ती गंगा और उधना-दानापुर एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में डेढ़ सौ से अधिक वेटिंग है।

 

सूरत समेत दक्षिण गुजरात में रहने वाले दूसरे राज्यों के प्रवासी एक महीने से कन्फर्म टिकट के लिए प्रयास कर रहे हैं। सूरत, उधना और अठवा गेट आरक्षण केन्द्रों पर मई के टिकट बुक हो रहे हैं। वहां तडक़े चार-पांच बजे पहले से यात्रियों की कतार लगने लगती है। रेग्यूलर ट्रेनों की ओपनिंग बुकिंग सुबह आठ बजे शुरू होती है। दो से पांच मिनट में ही ट्रेन फुल हो जाती है।

 

टिकट बुक करवाने के लिए लोग दूसरे दिन फिर कतार में खड़े हो रहे हैं। गुरुवार सुबह आठ बजे तीन और चार मई की बुकिंग शुरू हुई। ओपनिंग के कुछ देर बाद उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई। 19063 उधना-दानापुर एक्सप्रेस, 22947 सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में 30 अप्रेल तक की बुकिंग हुई है।

 

उधना-दानापुर एक्सप्रेस के द्वितीय श्रेणी शयनयान में 23 अप्रेल को 149, 27 अप्रेल को 179 और 30 अप्रेल को 181 वेटिंग है। तृतीय श्रेणी वातानुकूलित शयनयान में क्रमश: 46, 60 और 46 वेटिंग है। द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित में क्रमश: 10, 11 और नौ वेटिंग है।

 

सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में भी ओपनिंग के कुछ मिनट बाद ही वेटिंग शुरू हो जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। 19045 सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, 19049 बान्द्रा-पटना एक्सप्रेस, 19057 उधना-वाराणसी भोलेनगरी एक्सप्रेस और वलसाड से कानपुर तथा मुजफ्फरपुर जाने वाली उद्योगकर्मी एक्सप्रेस के साथ-साथ श्रमिक एक्सप्रेस में भी कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।

 


दक्षिण गुजरात में बड़ी संख्या में उत्तरप्रदेश और बिहार के प्रवासी बसे हुए हैं। गर्मी की छुट्टियों में यह लोग मूल निवास स्थान जाते हैं। गाडिय़ां अभी से फुल होने से इनकी परेशानी बढ़ गई है। बिहार के सिवान, गोपालगंज, छपरा, महाराजगंज, सोनपुर, पूर्वोत्तर उत्तरप्रदेश के छिवकी, इलाहाबाद, जंघई, वाराणसी, आजमगढ़, भदोही, मऊ, गाजीपुर, भटनी, देवरिया, कुशीनगर, झांसी, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर क्षेत्र के लोग सूरत, कीम, अंकलेश्वर, भरुच, वलसाड, वापी में रहते हैं।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned